संजय निरुपम बोले: 'पीएम मोदी विकास की प्रतिमूर्ति हैं, मुंबई में उनका हार्दिक स्वागत', भगवा नगरी तैयार भव्य आयोजन के लिए

प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए मुंबई तैयार है: संजय निरुपम


मुंबई, 12 फरवरी। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई दौरे पर कहा कि मुंबई अपने प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए तैयार है।

मुंबई में शिवसेना नेता संजय निरुपम ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी विकास की प्रतिमूर्ति हैं। पूरे देश में विकास होना चाहिए, मुंबई में भी विकास होना चाहिए। नई-नई परियोजनाओं का लाभ मिलना चाहिए, ताकि हर प्रकार की सुविधा नागरिकों को उपलब्ध हो सके। प्रधानमंत्री मोदी विकास की कई योजनाओं का शुभारंभ करेंगे, इस बात में वे विश्वास रखते हैं। मुंबई में उनका हार्दिक स्वागत है। मुंबई का चेहरा-मोहरा बदल रहा है। यहां महायुति ने मेयर और डिप्टी मेयर पद स्थापित किए हैं। मुंबई ने महायुति पर विश्वास जताया है। भगवा पहनकर नगर सेवकों ने हाल ही में शपथ ली है। ऐसे बदले वातावरण में पीएम मोदी का स्वागत है।

'वंदे मातरम’ पर सरकार की नई गाइडलाइंस पर शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि वंदे मातरम देश का गौरव गीत है, वैभवशाली गीत है। पिछले 150 सालों से यह गाया जा रहा है। जब देश गुलाम था, अंग्रेजों की गुलामी के खिलाफ बड़ा आंदोलन चल रहा था, तब लाखों लोग इस गीत को गाते थे। लोगों ने इस गीत को गाते हुए खुशी-खुशी फांसी को स्वीकार किया है। हम ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रीय गीत की 150वीं जयंती मना रहे हैं। निश्चित तौर पर इस ऐतिहासिक परंपरा को सम्मानित किया जाना चाहिए। ‘वंदे मातरम’ गाने के लिए सभी प्रतिबद्ध हैं। हम आजाद हैं तो यह पूर्वजों की वजह से है, जिन्होंने अपने प्राण न्योछावर कर दिए। कांग्रेस और अन्य संगठन इसका विरोध कर रहे हैं, इससे एक चीज साफ है कि भारत की पवित्रता से उनका कोई रिश्ता नहीं है। वे मजहबी राजनीति करती है। वोटों की राजनीति के लिए गलत ख्याल वालों के साथ मिलकर ‘वंदे मातरम’ का विरोध कर रहे हैं। ‘वंदे मातरम’ का विरोध करने वाला हिंदुस्तान का विरोध करता है, और जो हिंदुस्तान का विरोध करता है, वह हिंदुस्तान से प्रेम नहीं कर सकता है। ‘वंदे मातरम’ से प्रेम करने वाला नफरत नहीं कर सकता है।

नासिक में फिजिक्स वाला कोचिंग सेंटर पर हुए हमले को लेकर शिवसेना नेता ने कहा कि कोचिंग संस्थान में मनसे के कुछ लोगों ने मराठी भाषा के नाम पर तोड़फोड़ की और एक शिक्षक को थप्पड़ भी मारी। पिछले दो-तीन चुनावों में मनसे हारी है, इसलिए हिंसा का रास्ता अपनाया जा रहा है। मराठी भाषा का महाराष्ट्र में सम्मान है, लेकिन गुंडागर्दी नहीं करनी चाहिए। कानून अपने हाथ में लेने का हक किसी को नहीं दिया गया है। फिजिक्स वाला एक बहुत प्रतिष्ठित संस्थान है। यह मराठी बच्चों को कोचिंग देकर उन्हें आगे लाने और प्रतियोगी परीक्षाओं में हिस्सा लेने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से खोला गया है। जिन लोगों को महाराष्ट्र ने नकार दिया है, वे क्यों हमला कर रहे हैं? मनसे के गुंडों ने मराठी भाषा के नाम पर शिक्षकों पर हमला किया है। पुलिस को उन पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

संजय राउत के बयान पर संजय निरुपम ने कहा कि अजित पवार महाराष्ट्र के बड़े नेता थे। हमारे मन में उनके लिए बहुत प्रेम है। विमान हादसे में उनकी मृत्यु ने पूरे महाराष्ट्र को हिला कर रख दिया है। राज्य दुख के सागर में डूबा हुआ है। विमान हादसे की जांच हो रही है। एक एजेंसी रिपोर्ट देगी, अगर संतुष्टि नहीं होगी तो दूसरी एजेंसी से भी जांच कराई जा सकती है। संजय राउत और अन्य जो ऐसी बातें कर रहे हैं, वे असल में अजित पवार के विरोधी रहे हैं। साजिश की बू ढूंढने वाले लोग अजित पवार से नफरत करते थे। घड़ियाली आंसू बहाने वालों की सच्चाई को पहचानने की जरूरत है।
 

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