हैदराबाद/नई दिल्ली, 12 फरवरी। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और गांधी सरोवर परियोजना पर चर्चा की, जिसे प्रतिष्ठित मूसी नदी पुनर्जीवन पहल के हिस्से के रूप में शुरू किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री को गांधी सरोवर परियोजना के शिलान्यास समारोह में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया, जो फरवरी के अंतिम सप्ताह में आयोजित होने वाला है। उन्होंने यह भी बताया कि यह कार्यक्रम ईसा और मूसी नदियों के पवित्र संगम पर होगा।
हैदराबाद स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक बयान के अनुसार, उन्होंने केंद्रीय मंत्री को सूचित किया कि फरवरी 1948 में महात्मा गांधी की अस्थियों को इस ऐतिहासिक संगम स्थल पर विसर्जित किया गया था, जिससे यह स्थल राष्ट्रीय महत्व का बन गया है।
सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि गांधी सरोवर परियोजना राज्य सरकार की व्यापक मूसी नदी पुनर्जीवन परियोजना का एक प्रमुख घटक है, जिसका उद्देश्य पारिस्थितिक बहाली और सतत विकास है।
उन्होंने आगे बताया कि सरकार का लक्ष्य बापू घाट को महात्मा गांधी के आदर्शों और विरासत को प्रतिबिंबित करते हुए विश्व स्तरीय शैक्षिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और पर्यावरणीय स्थल के रूप में विकसित करना है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, रक्षा मंत्री ने राज्य सरकार की ओर से की जा रही पहल और प्रयासों की सराहना की।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के साथ कांग्रेस सांसद मल्लू रवि, कादियाम काव्या, अनिल कुमार यादव और वामसी गद्दाम थे।
पिछले साल सितंबर में रक्षा मंत्री के साथ अपनी पिछली मुलाकात के दौरान रेवंत रेड्डी ने उनसे गांधी सरोवर परियोजना के लिए 98.20 एकड़ रक्षा भूमि हस्तांतरित करने का अनुरोध किया था।
मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री को मूसी और ईसा नदियों के संगम पर 'गांधी एकता मंडल' स्थापित करने की राज्य की योजनाओं से अवगत कराया।
रेवंत रेड्डी ने इस बात पर जोर दिया कि गांधी सरोवर परियोजना राष्ट्रीय एकता और महात्मा गांधी के शाश्वत आदर्शों के एक स्थायी प्रतीक के रूप में खड़ी रहेगी।