बेंगलुरु, 11 फरवरी। बेंगलुरु के थानिसंद्रा इलाके में बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूल बस की चपेट में आने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई।
घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। यह हादसा हेनूर ट्रैफिक पुलिस स्टेशन की सीमा के अंतर्गत पुलिस क्वार्टर क्षेत्र के पास हुआ।
मृतकों की पहचान दो वर्षीय वर्षा और चार वर्षीय भानु के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों बच्चे नागनगौड़ा के साथ स्कूटर पर जा रहे थे, जो कांस्टेबल है। बताया गया कि नागनगौड़ा अपनी बेटी वर्षा और भतीजी भानु के साथ दूध लेने जा रहा था।
पुलिस के मुताबिक, घटना के समय स्कूल का समय था और एक निजी स्कूल की बस विद्यार्थियों को लेने के लिए जा रही थी। बस को आता देख नागनगौड़ा ने उसे रास्ता देने के लिए अपना स्कूटर सड़क किनारे रोक दिया। इसी दौरान बस चालक ने कथित तौर पर यू-टर्न लेने की कोशिश की और रुके हुए स्कूटर को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बच्चे सड़क पर गिर पड़े और बस का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया।
हादसे के तुरंत बाद घायल बच्चों को पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुर्घटना में नागनगौड़ा को मामूली चोटें आई हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस चालक इससे पहले एक ऑटो रिक्शा से मामूली टक्कर में शामिल था और कथित रूप से लापरवाही से वाहन चला रहा था। पुलिस का कहना है कि चालक ने सड़क पर खड़े स्कूटर को नहीं देखा, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई।
नागनगौड़ा ने घटना का दर्द बयान करते हुए कहा, “मैं दूध लेने जा रहा था और लगभग 200 मीटर ही चला था। स्कूल बस को आते देख मैंने अपनी गाड़ी रोक दी ताकि वह आगे निकल सके। मुझे लगा कि ड्राइवर हमें देख लेगा, लेकिन उसने अचानक मेरी स्कूटर की तरफ मोड़ ली और टक्कर मार दी। अगर उसने गाड़ी धीमी करके रोक दी होती, तो हमारे दोनों बच्चे आज जिंदा होते।”
उत्तर डिवीजन के पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक) ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। हेनूर ट्रैफिक पुलिस ने स्कूल बस चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच जारी है।
दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए येलाहांका सरकारी अस्पताल भेजा गया है। अस्पताल में परिजन और अन्य रिश्तेदारों की भीड़ जुटी रही, जहां मातम का माहौल बना हुआ है।