महंत लोकेश दास की अपील: 'वंदे मातरम' भारत की आत्मा, हर नागरिक करे सम्मान, न उठे देशभक्ति पर सवाल

राष्ट्रीय भक्ति पर न उठे सवाल, इसलिए हर नागरिक करे राष्ट्रीय गान और गीत का सम्मान: महंत लोकेश दास महाराज


ऋषिकेश, 11 फरवरी। केंद्र सरकार ने बुधवार को 'वंदे मातरम' के गायन को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए। श्री जगन्नाथ आश्रम के महंत लोकेश दास महाराज ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह कोई धार्मिक गीत नहीं है, बल्कि भारत की आत्मा की आवाज है और इसे देश में रहने वाले हर व्यक्ति को धर्म की परवाह किए बिना सम्मान देना चाहिए।

उन्होंने कहा, "मैं उनके इस फैसले का स्वागत करता हूं क्योंकि यह कोई धार्मिक गीत नहीं है, बल्कि एक राष्ट्रीय गीत है। जो इस देश में रहते हैं, उन सभी को इसको गाना चाहिए, फिर चाहे वे मंदिर में हों या फिर मदरसे में। यह सिर्फ एक गान नहीं है। इसमें भारत की आत्मा बसती है। जब हम इसे गाते हैं, तो अलग-अलग भाषाएं, अलग-अलग पहनावे और विविधता के बावजूद एकता का संदेश मिलता है।"

लोकेश दास महाराज ने सरकार का समर्थन करते हुए कहा, "मैंने कई बार देखा है कि कुछ लोग दूसरे धर्म के होने के कारण राष्ट्रगान या राष्ट्रीय गीत गाने से मना कर देते हैं। वे कहते हैं कि उनका धर्म इसकी इजाजत नहीं देता है, लेकिन मैं उनसे कहना चाहता हूं कि यह कोई धार्मिक गीत नहीं है। यह एक राष्ट्रीय गीत है, और अगर आपको भारत में रहना है, तो आपको राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत का सम्मान करना चाहिए ताकि लोग आपकी राष्ट्रीय भक्ति पर आवाज न उठा सकें।"

उन्होंने यह भी जोड़ा कि कई मौकों पर देखा गया है कि कुछ लोग मंच पर राष्ट्रीय गान या राष्ट्रीय गीत के समय खड़े नहीं होते या सम्मान नहीं दिखाते। इससे लगता है कि उनके मन में भारत के प्रति श्रद्धा कम होती है। महंत ने कहा, "मैं आपसे ये अपील करना चाहता हूं कि अगर आप भारतवासी हैं, तो आपको राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत का सम्मान करना चाहिए और जो भी इसके नियम हैं, उनको मानना चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा कि जो लोग इसके नियम नहीं मानते, मेरी तरफ से वे एक देशद्रोही की श्रेणी में आते हैं। ऐसे लोगों को देश छोड़कर चले जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारा राष्ट्रीय गीत ही वह परंपरा है जो विविधता में एकता का खूबसूरत संदेश देती है।

मदरसों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मदरसों में भी 'वंदे मातरम' बजाया और गाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "मदरसे भी भारत के अंदर आते हैं। वे भी हमारे देश के नागरिक हैं। कई लोग उनके देशभक्ति पर संदेह करते हैं। अगर वहां राष्ट्रीय गान चलेगा तो उनके ऊपर से ऐसे संदेह खत्म होंगे।"
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top