नई दिल्ली, 11 फरवरी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आईआईटी दिल्ली में 10 नए जमाने के एडटेक स्टार्टअप्स के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) राउंडटेबल मीटिंग की। इस बैठक में यह चर्चा की गई कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का इस्तेमाल करके भारत की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है।
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए की जा रही है। इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के साथ शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार और जयंत चौधरी भी मौजूद रहे। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समाधानों को लेकर हुई इस मीटिंग में अरिविहान, फर्मी एआई, खरे एआई, सीखो, स्पीकएक्स, सुपरकलाम, सुपरनोवा, वेदांतु, कंवेजीनियस और विरोहन जैसे स्टार्टअप्स शामिल हुए।
ये कंपनियां स्कूल शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, स्किल डेवलपमेंट और भाषा सीखने जैसे क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान बना रही हैं। यह पहल खासकर उन बच्चों के लिए मददगार है जो दूरदराज या संसाधनों से वंचित इलाकों में रहते हैं। गौरतलब है कि यह बैठक आने वाले इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट से पहले आयोजित की गई।
इसके अलावा, शिक्षा मंत्री ने बुधवार को ही आईआईटी दिल्ली में दो बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत करीब 430 करोड़ रुपए है। पहली परियोजना अकादमिक ब्लॉक-103 की है। यह ब्लॉक करीब 5 लाख वर्ग फुट में बनेगा। यह आईआईटी दिल्ली की पहली 10 मंजिला अकादमिक बिल्डिंग होगी। इसमें 31 क्लासरूम, 150 रिसर्च लैब, 150 फैकल्टी ऑफिस और कॉन्फ्रेंस रूम होंगे। साथ ही कैफेटेरिया और बैंकिंग जैसी सुविधाएं भी होंगी। वहीं दूसरा प्रोजेक्ट गर्ल्स हॉस्टल-50 का है।
यह प्रोजेक्ट करीब 3.9 लाख वर्ग फुट में बनेगा और इसमें 1400 छात्राओं के रहने की व्यवस्था होगी। गर्ल्स हॉस्टल के कमरों में अलमारी, पढ़ाई की टेबल, चार्जिंग पॉइंट और बिल्डिंग में डाइनिंग हॉल जैसी सुविधाएं होंगी। इन दोनों परियोजनाओं पर करीब 430 करोड़ रुपए खर्च होंगे। खास बात यह है कि इमारतें पर्यावरण को ध्यान में रखकर बनाई जाएंगी। यहां सोलर पैनल, बारिश के पानी का संग्रह और हरियाली को बचाने व बढ़ावा देने की व्यवस्था की जाएगी। निर्माण के दौरान एक भी पेड़ नहीं काटा जाएगा।
समारोह में आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी, शिक्षक और छात्र भी मौजूद रहे। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक सरकार एआई और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और ज्यादा असरदार बनाने की दिशा में काम कर रही है।