यूपी शिक्षा में क्रांति: 77,622 करोड़ के बजट से हर जिले में चमकेंगे मॉडल स्कूल, मिलेगा बेहतर भविष्य

यूपी बजट में 77,622 करोड़ रुपए का प्रस्ताव, हर जिले में बनेंगे मॉडल स्कूल


लखनऊ, 11 फरवरी। विधानसभा में प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट में प्रदेश की बेसिक शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष फोकस किया गया है। बजट प्रस्तावों से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि सरकार प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षा के ढांचे में व्यापक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रही है। बजट में बेसिक शिक्षा के लिए 77,622 करोड़ रुपए की अभूतपूर्व व्यवस्था प्रस्तुत की गई है। यह राशि परिषदीय विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित रहेगी।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इन प्रावधानों से प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को नई गति मिलेगी। सबसे अहम प्रावधान कक्षा 1 से 8 तक परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत सभी छात्र-छात्राओं के लिए है। निःशुल्क यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूता-मोजा और स्टेशनरी उपलब्ध कराने की योजना के लिए 650 करोड़ रुपए प्रस्तुत किए गए हैं। उद्देश्य है कि संसाधनों के अभाव में कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे। इसके साथ ही सरकार प्रत्येक जिले में दो-दो मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय स्थापित करने की योजना पर कार्य कर रही है।

प्रदेश के 75 जिलों में कुल 150 ऐसे विद्यालय प्रस्तावित हैं, जिन्हें आधुनिक सुविधाओं, डिजिटल कक्षाओं और उन्नत शैक्षणिक संसाधनों से लैस किया जाएगा। प्रत्येक जनपद में एक मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय विकसित करने की भी योजना है, ताकि ग्रामीण और शहरी विद्यार्थियों को समान गुणवत्ता की शिक्षा मिल सके। बालिका शिक्षा को ध्यान में रखते हुए जिन विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नहीं हैं, वहां नए आवासीय विद्यालय स्थापित करने के लिए 580 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तुत की गई है।

इससे दूरदराज क्षेत्रों की छात्राओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल सकेगा। शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा संविदा व मानदेय आधारित कार्मिकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा शुरू करने की योजना है। इसके लिए 358 करोड़ रुपए प्रस्तुत किए गए हैं, जिससे शिक्षा कर्मियों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल सके।

समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत सभी प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने के लिए 300 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। डिजिटल बोर्ड, आईसीटी उपकरण और आधुनिक शिक्षण सामग्री के माध्यम से बच्चों को नई तकनीक से जोड़ने की तैयारी है। वहीं, सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में सुरक्षा ऑडिट के बाद अधोमानक पाए जाने वाले संस्थानों के अनुरक्षण और सुदृढ़ीकरण के लिए भी 300 करोड़ रुपए प्रस्तुत किए गए हैं।

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट में सरकार ने बेसिक शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उनके मुताबिक यह बजट केवल धनराशि का प्रावधान नहीं, बल्कि हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण, समान और संस्कारयुक्त शिक्षा पहुंचाने का स्पष्ट संकल्प है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित करना सरकार की प्रतिबद्धता है और प्रस्तुत बजट उसी दिशा में एक निर्णायक कदम है।
 

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