पटना, 11 फरवरी। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि डीएमके के मंत्री द्वारा दिया गया बयान वोट बैंक की राजनीति के लिए राज्य को बांटने की कोशिश है।
राजीव रंजन ने आरोप लगाया कि डीएमके नेताओं द्वारा लगातार समाज को विभाजित करने वाले बयान दिए जा रहे हैं। यह 'बौखलाहट और हताशा' का परिणाम है क्योंकि डीएमके को पता है कि उनकी सत्ता में वापसी नहीं होने जा रही है।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में एआईएडीएमके, भारतीय जनता पार्टी, पीएमके और अन्य छोटी पार्टियां मिलकर एक प्रभावी विकल्प के रूप में उभर रही हैं। ऐसे में डीएमके के दिन पूरे होने वाले हैं, इसलिए इस तरह के बयान सामने आ रहे हैं। जदयू प्रवक्ता ने दावा किया कि तमिलनाडु की जनता ने मन बना लिया है कि डीएमके की वापसी नहीं होगी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही पूरी होने तक वह कुर्सी पर नहीं बैठेंगे, जदयू प्रवक्ता ने इसे 'गौरवशाली संसदीय परंपरा' बताया।
उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष की ओर से अविश्वास प्रस्ताव आता है, तो उसकी कार्यवाही पूरी होने तक अध्यक्ष सदन में नहीं बैठते हैं। उनके अनुसार, यह परंपरा का निर्वहन है और इसे विवाद का विषय बनाना संसदीय मर्यादा का उल्लंघन है।
राजीव रंजन ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस पुस्तक का प्रकाशन ही नहीं हुआ, उसके कुछ अंशों के आधार पर केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करना उचित नहीं है।
उन्होंने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ने इसी आधार पर राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं दी, क्योंकि पुस्तक आधिकारिक रूप से प्रकाशित नहीं हुई है। सदन में जो हंगामा हुआ, वह राहुल गांधी की 'अपरिपक्वता और सनसनी पैदा करने की प्रवृत्ति' का उदाहरण है।
अजित पवार के विमान दुर्घटना को लेकर उन्होंने कहा कि हर दुर्घटना की जांच डीजीसीए कराती है। जब जांच के नतीजे सार्वजनिक होंगे, तब सच्चाई सामने आएगी। अभी अटकलें लगाने का कोई मतलब नहीं है।
हुमायूं कबीर द्वारा मुर्शिदाबाद में मस्जिद बनाने के ऐलान पर उन्होंने कहा कि यह टीएमसी और हुमायूं कबीर के बीच की 'नूरा कुश्ती' है। दोनों मिलकर समाज के दो संप्रदायों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल की जनता अब झांसे में नहीं आएगी और टीएमसी की वापसी नहीं होगी।
बिहार विधानसभा के बजट सत्र में विपक्ष के हंगामे को लेकर उन्होंने कहा कि विपक्ष का रवैया गैर-जिम्मेदाराना और दुर्भाग्यपूर्ण है। जंगल राज लाने वालों की पार्टी से जनता को कोई उम्मीद नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले दो दशकों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विकास को नए आयाम दिए हैं, आम लोगों की जिंदगी बेहतर हुई है और कानून-व्यवस्था में सुधार आया है। अपराध दर लगातार घट रही है।
गृह मंत्रालय द्वारा 'वंदे मातरम' को लेकर जारी नए निर्देशों पर उन्होंने कहा कि देश 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है। भारत की आजादी के इतिहास में इसकी बड़ी भूमिका रही है। जब भी 'वंदे मातरम' सुनते हैं तो देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों के प्रति श्रद्धा का भाव जागता है। इसलिए सम्मान में सबको खड़ा होना चाहिए।