UP में सुरेश खन्ना ने पेश किया 9 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट, युवाओं-किसानों के लिए विकास का विजन

उत्तर प्रदेश : वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 9,12,696 करोड़ रुपए का बजट पेश किया


लखनऊ, 11 फरवरी। उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ 35 लाख (9,12,696.35 करोड़ रुपए) का बजट पेश किया। इस बजट में 43,565.33 करोड़ रुपए की नई योजनाएं सम्मिलित हैं।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में बजट पेश किया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं के लिए प्रावधान किए गए हैं। तकनीक आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 'नई और उभरती टेक्नोलॉजी मिशन' की स्थापना की घोषणा की गई है। इसके साथ ही राज्य में डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर्स स्थापित किए जाएंगे।

सुरेश खन्ना ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को प्रोत्साहन देने के लिए एआई मिशन और 'टेक युवा समर्थ युवा योजना' शुरू की जाएगी, जिसके जरिए युवाओं को उभरती तकनीकों में प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराने की योजना है। ऊर्जा क्षेत्र में डीजल आधारित नलकूपों को चरणबद्ध तरीके से सौर ऊर्जा आधारित करने का प्रावधान किया गया है। वहीं, कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ाकर युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा।

उन्होंने सदन को जानकारी दी कि उद्योग और तकनीक में निवेश के साथ ही प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर श्रेणी की रैंकिंग हासिल हुई है।

वित्त मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में प्रदेश देश में अग्रणी स्थिति में है। उन्होंने बताया कि गेहूं और आलू उत्पादन में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है। किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को वैश्विक बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य में एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट हब विकसित किए जाएंगे।

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य में प्रति व्यक्ति आय में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है और निवेश का प्रवाह तेज हुआ है। औद्योगिक गतिविधियों में तेजी से आर्थिक परिदृश्य मजबूत हुआ है। युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। कौशल विकास केंद्रों की क्षमता में विस्तार किया जाएगा और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत नए प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। महिलाओं के लिए अलग से विशेष कौशल विकास केंद्र खोले जाने की भी योजना है। औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ की नई योजना के लिए 575 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा, युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना' शुरू की जाएगी। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाने की घोषणा की है। प्रदेश में आठ डेटा सेंटर पार्क स्थापित किए जाएंगे, जिनकी कुल क्षमता 900 मेगावॉट निर्धारित की गई है। यह पहल आईटी और तकनीक आधारित निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
 

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