भुवनेश्वर, 10 फरवरी। ओडिशा सरकार ने मंगलवार को 4,111.80 करोड़ रुपए के कुल निवेश वाली 23 औद्योगिक निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिससे 9,924 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह राज्य के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और रोजगार आधारित आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
मंगलवार को मुख्य सचिव अनु गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित 144वीं स्टेट लेवल सिंगल विंडो क्लीयरेंस अथॉरिटी (एसएलएसडब्ल्यूसीए) की बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
मंजूर की गई परियोजनाएं यांत्रिक और विद्युत पूंजीगत सामान, परिधान और वस्त्र, एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण, जहाज निर्माण और जहाज मरम्मत, फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, अपघटन सामग्री, एल्युमीनियम डाउनस्ट्रीम उद्योग, खनिज शोधन, धातु डाउनस्ट्रीम, प्लास्टिक, कांच विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और भंडारण, अवसंरचना और पर्यटन एवं आतिथ्य जैसे विभिन्न क्षेत्रों को कवर करती हैं।
ये परियोजनाएं ग्यारह जिलों-बालासोर, भद्रक, कटक, देबगढ़, गंजाम, जाजपुर, खुर्दा, कोरापुट, पुरी, संबलपुर और सुंदरगढ़-में लागू की जाएंगी, जिससे क्षेत्रीय स्तर पर संतुलित औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों का विस्तार सुनिश्चित होगा।
मंगलवार को एसएलएसडब्ल्यूसीए से जिन प्रमुख निवेश प्रस्तावों को मंजूरी मिली, उनमें सुंदरगढ़ में कलिंगा मेटलिक्स लिमिटेड का 4 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) लौह अयस्क शोधन संयंत्र शामिल है, जिसमें 600 करोड़ रुपए का निवेश होगा और 700 नौकरियां सृजित होंगी। सुंदरगढ़ में रश्मी मेटालर्जिकल इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड का 3.0 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) लौह अयस्क शोधन संयंत्र, जिसमें 350 करोड़ रुपए का निवेश होगा और 200 नौकरियां सृजित होंगी। गंजाम में वाटर टेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का प्लास्टिक आधारित उत्पाद निर्माण संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव, जिसमें 387 करोड़ रुपए का निवेश होगा और 975 नौकरियां सृजित होंगी। खुर्दा में निफा लिमिटेड की रेलवे घटक निर्माण इकाई, जिसमें 384 करोड़ रुपए का निवेश होगा और 310 नौकरियां सृजित होंगी।
राज्य सरकार ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि इन 23 परियोजनाओं में कुल मिलाकर 4,111.80 करोड़ रुपए का निवेश और 9,924 रोजगार के अवसर सृजित किए गए हैं, जो पूर्वी भारत में निवेश के लिए एक उच्च क्षमता वाले गंतव्य के रूप में ओडिशा की स्थिति को और मजबूत करते हैं। पारंपरिक विनिर्माण से लेकर एयरोस्पेस, रक्षा, उन्नत विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, बुनियादी ढांचा और प्रीमियम पर्यटन तक फैले मजबूत क्षेत्रीय विविधता के साथ, राज्य एक सुदृढ़ और भविष्य के लिए तैयार औद्योगिक आधार का निर्माण कर रहा है,”।