तेलंगाना में भाजपा प्रत्याशी की आत्महत्या पर बवाल, DGP ऑफिस पर प्रदर्शन कर कांग्रेस सरकार को घेरा

तेलंगाना: डीजीपी कार्यालय पर भाजपा का प्रदर्शन, नगर निकाय चुनाव प्रत्याशी की आत्महत्या को लेकर कांग्रेस पर आरोप


हैदराबाद, 10 फरवरी। तेलंगाना में नगर निकाय चुनाव से पहले सियासी माहौल उस वक्त गरमा गया, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने माकथल नगरपालिका चुनाव में अपने प्रत्याशी की आत्महत्या को लेकर कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। इस मामले में भाजपा ने मंगलवार को हैदराबाद स्थित पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।

पार्टी के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में डीजीपी दफ्तर के बाहर जुटे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा ने माकथल नगरपालिका के वार्ड नंबर-6 से पार्टी उम्मीदवार एरुकली महादेवरप्पा की आत्महत्या के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान जब पुलिस ने भीड़ को हटाने की कोशिश की तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई, जो बाद में हल्की धक्का-मुक्की में बदल गई। इससे कुछ समय के लिए इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।

बताया गया है कि नारायणपेट जिले के माकथल नगरपालिका से भाजपा प्रत्याशी महादेवरप्पा ने हाल ही में नामांकन दाखिल किया था। सोमवार देर रात वह अपने घर में फंदे से लटके हुए पाए गए। परिजनों का आरोप है कि नामांकन के बाद से ही उनके राजनीतिक विरोधी उन्हें लगातार धमका रहे थे।

तेलंगाना में 116 नगरपालिकाओं और सात नगर निगमों में मतदान बुधवार को होना है।

इस बीच, तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव माकथल पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने मीडिया से बातचीत में इस घटना के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।

रामचंदर राव ने कहा, “इस दुखद मौत की मुख्य वजह कांग्रेस के गुंडों द्वारा किया गया लगातार डराना और उत्पीड़न है। यह कोई अकेली घटना नहीं है। कांग्रेस बार-बार इस तरह की हरकतें करती है और लोकतंत्र पर भाषण देती है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि अब यह भी सामने आ रहा है कि स्थानीय पुलिस ने मूल एफआईआर में कथित तौर पर बदलाव और छेड़छाड़ की है। उन्होंने इसे शर्मनाक करार देते हुए पुलिस की निष्पक्षता और ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़े किए।

भाजपा नेता ने मांग की कि पुलिस बिना किसी हेरफेर के मूल एफआईआर को तत्काल बहाल करे और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सही तरीके से पोस्टमार्टम कराया जाए। साथ ही, एफआईआर में बदलाव करने वाले स्थानीय पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की।

रामचंदर राव ने कहा कि महादेवरप्पा को डराने और प्रताड़ित करने वाले सभी लोगों के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने भाजपा की ओर से मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता (एक्स-ग्रेशिया) देने की घोषणा भी की।

उधर, केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने इस मुद्दे को लोकसभा में उठाया, जबकि भाजपा सांसद के. लक्ष्मण ने राज्यसभा में मामले को उठाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।

किशन रेड्डी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह कोई सामान्य या अलग-थलग घटना नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और कांग्रेस सरकार के तहत तेलंगाना के राजनीतिक माहौल पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति समुदाय से आने वाले एक युवा नेता का इस तरह टूट जाना राज्य में जमीनी लोकतंत्र पर गहरे संकट की ओर इशारा करता है।
 
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