चेन्नई, 10 फरवरी। तमिलनाडु में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य स्तर पर एक अहम संगठनात्मक बदलाव किया है। पार्टी ने केशव विनायगम को तमिलनाडु भाजपा के ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी पद से हटा दिया है और उनकी जगह प्रसोभ कुमार को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है, जब भाजपा चुनाव से पहले अपने संगठन और चुनावी गतिविधियों को और मजबूत करने में जुटी हुई है। इस बदलाव के तुरंत बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने केशव विनयगम की नई जिम्मेदारी की भी घोषणा कर दी।
इस पूरे घटनाक्रम पर स्थिति साफ़ करते हुए आरएसएस के दक्षिण भारत के प्रवक्ता श्रीराम ने बताया कि यह बदलाव संगठन की पुरानी और तय परंपरा के अनुसार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कारणों से संघ अपने पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं को समय-समय पर अलग-अलग जिम्मेदारियां देता रहता है।
उन्होंने आगे बताया कि इसी परंपरा के तहत अब केशव विनायगम आगे पूरे तमिलनाडु में सद्भाव यानी सांप्रदायिक सौहार्द के समन्वयक की भूमिका निभाएंगे, जबकि वह अब तक तमिलनाडु भाजपा के स्टेट ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी के रूप में काम कर रहे थे।
इस नई भूमिका के अलावा केशव विनायगम उत्तर तमिलनाडु में आरएसएस की स्टेट एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य के रूप में भी काम करेंगे। सद्भाव की जिम्मेदारी के तहत उन्हें समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच सामाजिक मेलजोल बढ़ाने, सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने और जनसंपर्क से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने का काम सौंपा गया है। मौजूदा सामाजिक और राजनीतिक माहौल में इस भूमिका को काफी अहम माना जा रहा है।
आरएसएस ने साफ तौर पर कहा है कि इस बदलाव को किसी तरह की सजा या राजनीतिक कारणों से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। संगठन ने जोर देकर बताया कि इस तरह के दायित्वों में बदलाव उसकी आंतरिक प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और दशकों से इसका पालन किया जाता रहा है।
बयान में यह भी कहा गया कि संगठन नियमित रूप से अनुभवी कार्यकर्ताओं को उन क्षेत्रों में जिम्मेदारी देता है, जहां उनके अनुभव और क्षमता का बेहतर उपयोग हो सके। केशव विनयगम को एक अनुभवी संगठनकर्ता माना जाता है, जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में तमिलनाडु में भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
केशव विनायगम का अब आरएसएस से जुड़ी जिम्मेदारी संभालना कई लोगों को यह संकेत देता है कि संगठन उनके अनुभव का इस्तेमाल सीधे पार्टी प्रबंधन से आगे बढ़कर सामाजिक और संगठनात्मक स्तर पर करना चाहता है, खासकर ऐसे समय में जब सामाजिक समरसता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
वहीं, प्रसोभ कुमार को नया ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी बनाए जाने से उम्मीद की जा रही है कि राज्य में भाजपा की चुनावी तैयारियों को नई गति मिलेगी। विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ यह संगठनात्मक फेरबदल पूरे संघ परिवार के भीतर भूमिकाओं के नए संतुलन को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य तमिलनाडु में राजनीतिक और सामाजिक जुड़ाव को और मजबूत करना है।