नई दिल्ली, 10 फरवरी। दिल्ली पुलिस की डब्ल्यूआर-II, क्राइम ब्रांच की टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। टीम ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के हाथरस और बुलंदशहर से दो लापता लड़कियों को सुरक्षित बरामद किया और उन्हें उनके परिवारों के पास लौटा दिया। दोनों मामलों में 20,000 रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।
पहले मामले में, 18 साल की लड़की 11 नवंबर 2025 को अलीपुर, दिल्ली से लापता हुई थी। पुलिस ने गहन जांच और फील्ड इंटेलिजेंस के जरिए उसे बुलंदशहर के गांव बरारी से खोजा। उसे अलीपुर थाना, दिल्ली लाकर आई.ओ. को सौंपा गया।
दूसरे मामले में, 21 साल की लड़की 29 अक्टूबर 2025 को बेगमपुर, दिल्ली से गायब हुई थी। वह हाथरस के पैठगांव से बरामद हुई और उसके माता-पिता को सौंप दी गई।
इन दोनों अभियानों में डब्ल्यूआर-II/क्राइम ब्रांच की टीम ने शानदार काम किया। टीम में एसआई अनुज चिकारा, एचसी भंवर, एचसी रविंदर और डब्ल्यू/सीटी किरण शामिल थे, और पूरी कार्रवाई का मार्गदर्शन एसीपी/डब्ल्यूआर-II राजपाल डाबास ने किया।
टीम ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (सीडीआर) का विश्लेषण किया, फील्ड इंटेलिजेंस जुटाई और दिल्ली और यूपी में मिलकर छापेमारी की। इसी रणनीति के चलते दोनों लड़कियों को सुरक्षित वापस लाया जा सका।
यह सफल ऑपरेशन दिल्ली पुलिस, खासकर डब्ल्यूआर-II/क्राइम ब्रांच के लापता लोगों, खासकर कमजोर नाबालिगों को ट्रेस करने और उन्हें सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाने के पक्के इरादे को दिखाता है।
दिल्ली पुलिस लोगों की सुरक्षा और भलाई के लिए अपनी लगन को दोहराती है और नागरिकों को ऐसी किसी भी जानकारी को तुरंत रिपोर्ट करने के लिए बढ़ावा देती है, जिससे अपराधों को रोकने या लापता लोगों का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
इस पूरे ऑपरेशन से यह भी दिखा कि तकनीक, फील्डवर्क और टीमवर्क के सही मिश्रण से कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। दिल्ली पुलिस लगातार जनता की सुरक्षा और भलाई के लिए काम कर रही है और ऐसे मामलों में तत्पर है।