तेलंगाना निकाय चुनाव: सीएम रेवंत रेड्डी का भाजपा पर वार, बोले - ओवैसी 'राजनीतिक डरावना', नफरत की राजनीति को दें नकार

तेलंगाना नगर निकाय चुनाव: सीएम रेवंत रेड्डी ने नफरत की राजनीति को नकारने की अपील की


हैदराबाद, 9 फरवरी। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार को 11 फरवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों में मतदाताओं से नफरत की राजनीति को खारिज करने की अपील की।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भाजपा पर तीखा हमला बोला और उस पर विभाजनकारी राजनीति करने तथा सांप्रदायिक नफरत फैलाने का आरोप लगाया।

रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि भाजपा वोट हासिल करने के लिए एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेताओं को ‘राजनीतिक डरावना’ बनाकर इस्तेमाल कर रही है।

उन्होंने कहा, “भाजपा असदुद्दीन ओवैसी को लेकर ग्रस्त है। वे भगवान राम का नाम लेने का दावा करते हैं, लेकिन हर दिन असदुद्दीन ओवैसी का नाम लेते हैं। असदुद्दीन ओवैसी ही उनकी राजनीतिक जीवनरेखा हैं।”

मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि अगर भाजपा को असदुद्दीन ओवैसी इतने ही ‘खतरनाक’ लगते हैं, तो फिर केंद्र में सत्ता में रहते हुए वह उन्हें नियंत्रित क्यों नहीं कर पाई।

उन्होंने कहा, “एआईएमआईएम भी लोकतंत्र में एक राजनीतिक दल है। उसने गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में चुनाव लड़े हैं। आखिर कब तक उन्हें भूत दिखाकर वोट मांगते रहेंगे?”

कांग्रेस नेता ने इसे भाजपा के राजनीतिक दिवालियापन का प्रमाण बताया।

महबूबनगर में एक चुनावी रैली के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नितिन नबीन के भाषण का जिक्र करते हुए रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट मांगने की आलोचना की।

उन्होंने याद दिलाया कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी महबूबनगर चुनाव प्रचार के लिए आए थे और पलामुरु-रंगारेड्डी परियोजना को राष्ट्रीय दर्जा देने का वादा किया था, जिसे प्रधानमंत्री बनने के तीन कार्यकाल के बाद भी पूरा नहीं किया गया।

मुख्यमंत्री ने नगर निकाय चुनाव में पीएम मोदी के नाम के नारे लगाने पर कड़ी आपत्ति जताई और पूछा, “स्थानीय चुनाव से मोदी का क्या लेना-देना है?”

रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि केंद्र में 12 वर्षों से सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा ने तेलंगाना के लिए एक भी परियोजना को मंजूरी नहीं दी, लेकिन उसके नेता प्रधानमंत्री मोदी का नाम लेकर वोट मांग रहे हैं।

उन्होंने कहा, “तेलंगाना के लिए स्वीकृत आईटी इन्वेस्टमेंट रीजन (आईटीआईआर) परियोजना को रद्द कर दिया गया। सेमीकंडक्टर परियोजना को भी दबाव डालकर तेलंगाना से आंध्र प्रदेश ले जाया गया।”

मुख्यमंत्री ने भाजपा पर दक्षिणी राज्यों के साथ भेदभाव का भी आरोप लगाया।

उन्होंने दावा किया कि तेलंगाना केंद्र को दिए गए हर एक रुपये के बदले केवल 42 पैसे पाता है। कर्नाटक को 16 पैसे, तमिलनाडु को 26 पैसे और केरल को 49 पैसे मिलते हैं, जबकि बिहार को हर एक रुपये के बदले 6.16 रुपये, मध्य प्रदेश को 2.09 रुपये और उत्तर प्रदेश को 2.90 रुपये मिलते हैं।

रेवंत रेड्डी ने सवाल किया कि तेलंगाना से आने वाले केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी और बंदी संजय कुमार ने राज्य के साथ हो रहे इस अन्याय पर कभी आवाज क्यों नहीं उठाई।
 

Similar threads

Latest Replies

Forum statistics

Threads
5,382
Messages
5,414
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top