राजगढ़, 9 फरवरी। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना अभियान के तहत हर माह की 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं। इसी क्रम में सोमवार को मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के सरकारी अस्पतालों में 300 से अधिक गर्भवती महिलाओं का प्रसव-पूर्व परीक्षण, आवश्यक जांच, सोनोग्राफी और दवाओं का वितरण किया गया। शिविर के दौरान महिलाओं को अल्पाहार भी उपलब्ध कराया गया।
इस योजना का लाभ लेने वाली गर्भवती महिलाओं ने बताया कि उन्हें सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।
लाभार्थी महिला रीना ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से उन्हें शिविर की जानकारी मिली थी। उन्होंने कहा, “यहां हमें खाने के लिए बिस्कुट, फल, दाल और अन्य पोषण पदार्थ दिए गए। साथ ही जरूरी जांचें भी की गईं। सरकार का यह अभियान बहुत अच्छा है। गर्भवती महिलाओं को बेहतर इलाज मिल रहा है।”
वहीं, लाभार्थी महिला सुनीता ने कहा कि शिविर में इलाज की अच्छी व्यवस्था है और सभी प्रकार की जांचें नि:शुल्क की जा रही हैं। उन्होंने अन्य गर्भवती महिलाओं से भी इस अभियान का लाभ उठाने की अपील की।
इस अवसर पर डॉक्टर शौरिन दत्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण मातृत्व सेवाएं प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि हर माह की 9 और 25 तारीख को गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है।
उन्होंने कहा, “9 तारीख को सभी गर्भवती महिलाओं की सामान्य जांच की जाती है, जबकि हाई-रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान कर ऐसी महिलाओं को 25 तारीख को दोबारा बुलाकर विशेष उपचार दिया जाता है। शिविर के दौरान महिलाओं को नाश्ता भी उपलब्ध कराया जाता है।”
बता दें कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्रत्येक माह की 9 और 25 तारीख को संचालित किया जाता है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु सुरक्षा को सुदृढ़ करना, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाना है। शिविर में शामिल गर्भवती महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।