बांग्लादेश चुनाव: पारदर्शिता के लिए मतदान केंद्रों में अब पत्रकार-पर्यवेक्षक ले जा सकेंगे मोबाइल फोन

बांग्लादेश: मतदान केंद्रों के भीतर पत्रकारों और पर्यवेक्षकों को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति


ढाका, 9 फरवरी। बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के दौरान अब पत्रकारों और चुनाव पर्यवेक्षकों को मतदान केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति होगी। यह जानकारी सोमवार को चुनाव आयुक्त ब्रिगेडियर जनरल (सेवानिवृत्त) अबुल फजल मोहम्मद सनाउल्लाह ने दी।

ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, वे अगरगांव स्थित चुनाव आयोग भवन में परिणाम बूथ का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। चुनाव आयुक्त का यह बयान मीडिया संगठनों की ओर से मतदान प्रक्रिया के दौरान पहुंच और पाबंदियों को लेकर जताई जा रही चिंताओं के बीच आया है।

सनाउल्लाह ने कहा कि पत्रकारों और पर्यवेक्षकों को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति देने से चुनाव प्रक्रिया की रियल-टाइम रिपोर्टिंग और निगरानी में मदद मिलेगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

गौरतलब है कि 13वां राष्ट्रीय संसदीय चुनाव 12 फरवरी को प्रस्तावित है और चुनाव आयोग ने इसे पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने पर जोर दिया है।

इससे पहले, चुनाव आयोग ने मतदान के दिन मतदान केंद्रों के चारों ओर 400 गज के दायरे में मोबाइल फोन ले जाने और इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगाया था। उस निर्देश के तहत केवल तीन श्रेणियों के लोगों को मतदान केंद्र के भीतर मोबाइल फोन रखने की अनुमति थी- संबंधित प्रिजाइडिंग ऑफिसर, मतदान केंद्र की सुरक्षा में तैनात पुलिस अधिकारी और ‘इलेक्शन सिक्योरिटी 2026’ ऐप संचालित करने वाले दो अंसार (एम्बॉडिड अंसार/जनरल अंसार/वीडीपी) कर्मी।

चुनाव आयोग ने इस फैसले के सख्त पालन के लिए ढाका और चटगांव के मंडल आयुक्तों, देश के सभी 64 जिलों के उपायुक्तों तथा ढाका, चटगांव और खुलना के क्षेत्रीय चुनाव अधिकारियों सहित कुल 69 रिटर्निंग अधिकारियों को पत्र जारी किया था।

पूर्व निर्देश में यह भी कहा गया था कि मतदान के दिन उम्मीदवारों और पत्रकारों को मतदान केंद्रों के 400 गज के भीतर मोबाइल फोन ले जाने या इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी, जिस पर पत्रकार संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई थी।

चुनाव आयोग के इस पत्र के बाद, रिपोर्टर्स फोरम फॉर इलेक्शन एंड डेमोक्रेसी (आरएफईडी) ने सोमवार को चुनाव आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद से मुलाकात कर पत्रकारों पर मोबाइल फोन प्रतिबंध का विरोध दर्ज कराया।

आरएफईडी के अध्यक्ष काजी जेबेल ने कहा कि संगठन ने चुनाव आयोग को बताया कि ऐसा फैसला प्रेस की स्वतंत्रता में बाधा पैदा करेगा और चुनाव की पारदर्शिता को कमजोर करेगा।

उन्होंने कहा, “इस तरह का निर्णय चुनाव की पारदर्शिता को प्रभावित करेगा और मीडिया की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाएगा। पत्रकारों के लिए मोबाइल फोन उनके पेशेवर कर्तव्यों के निर्वहन का एक अनिवार्य साधन है।”

उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग ने 11 दिसंबर को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी, जिसके तहत 12 फरवरी 2026 को 13वां संसदीय चुनाव और जुलाई राष्ट्रीय चार्टर (संवैधानिक सुधार) कार्यान्वयन आदेश पर जनमत संग्रह एक साथ कराया जाएगा।
 

Latest Replies

Forum statistics

Threads
16,569
Messages
16,606
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top