हमीरपुर, 9 फरवरी। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में उद्योग विभाग से जुड़ी सरकारी योजनाओं में अवैध वसूली का मामला सामने आने के बाद शासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ऑनलाइन आवेदन, पत्रावली निस्तारण और सब्सिडी स्वीकृति के नाम पर लाभार्थियों से धन उगाही की शिकायतें सही पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है।
निलंबित अधिकारियों में सहायक आयुक्त उद्योग एवं प्रभारी उपायुक्त उद्योग रवि वर्मा, सहायक प्रबंधक संतोष राव और जिला प्रबंधक मिलन कुमार शामिल हैं। निलंबन की कार्रवाई मुख्य विकास अधिकारी और अपर जिलाधिकारी हमीरपुर की दो सदस्यीय जांच समिति की आख्या के आधार पर की गई है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, जिला उद्योग कार्यालय से संबंधित विभिन्न योजनाओं को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि लाभार्थियों से ऑनलाइन आवेदन स्वीकृत कराने, फाइलों के निस्तारण और सब्सिडी जारी करने के एवज में अवैध धन की मांग की जा रही है।
शिकायतों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच समिति का गठन किया था। जांच समिति की रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि संबंधित अधिकारियों की आपसी मिलीभगत से योजनाओं की प्रक्रियाओं को जानबूझकर लंबित रखा जाता था और इसके बाद आवेदकों से धन की उगाही की जाती थी।
प्रारंभिक जांच में भ्रष्टाचार से जुड़े ठोस साक्ष्य सामने आने के बाद समिति ने कठोर कार्रवाई की संस्तुति की थी। रिपोर्ट के आधार पर शासन ने तीनों अधिकारियों को निलंबित करने के साथ-साथ उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जांच के दौरान यदि अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है और भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।