नई दिल्ली, 9 फरवरी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से जुड़े विवादित सोशल मीडिया वीडियो पर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि संविधान की शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री जिस तरह की भाषा बोल रहे हैं, वह संविधान से बिलकुल अलग है। इससे देश का माहौल खराब हो रहा है।
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, ''प्रधानमंत्री के सबसे पसंदीदा मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा देश का माहौल खराब करना चाहते हैं। मुझे हैरत है कि प्रधानमंत्री ये सब देख रहे हैं या देखकर भी अनजान बन रहे हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई करके देश को बताना चाहिए कि वे देश के संविधान का सम्मान कर रहे हैं।''
इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, "जिस वक्त मलेशिया में प्रधानमंत्री वहां के राष्ट्राध्यक्ष से मिल रहे थे, उसी समय असम भाजपा एक ऐसा वीडियो पोस्ट कर रही थी, जो इस देश के संविधान, लोकतंत्र के खिलाफ और नरसंहार के लिए उकसाता है। हैरत है भाजपा ने अब तक अपने इस दुलारे मुख्यमंत्री पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की, उच्चतम न्यायालय ने अब तक इसपर स्वतः संज्ञान क्यों नहीं लिया? भाजपा को स्पष्टीकरण देना चाहिए। मैं प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा और नितिन नवीन से पूछना चाहता हूं कि क्या यही भाजपा की आधिकारिक लाइन है?"
उन्होंने कहा, "मुझे हैरानी है कि कल से यह मुद्दा मीडिया डिबेट से पूरी तरह गायब है। मुझे लगता है कि अगर विपक्ष के किसी मुख्यमंत्री ने ऐसा किया होता, तो मीडिया अब तक यह मामला उठा चुका होता। लेकिन हैरानी की बात है कि किसी भी मीडिया चैनल ने प्राइम टाइम पर एक बार भी इस बात पर चर्चा नहीं की कि एक राज्य के मुख्यमंत्री ने जो भाषा इस्तेमाल की है, वह फासीवादी, तानाशाही और पूरी तरह से आतंकवादियों जैसी है।"
असम सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, "असम सरकार ने जो एसआईटी बनाई है, वह असल में क्या कर रही है? क्या वे सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, हिमंता बिस्वा सरमा, या अगर कोई सबूत है, तो उसे पेश करेंगे? हम समझते हैं कि आरोपों और जवाबी आरोपों का यह खेल सिर्फ चुनावी फायदे के लिए है।"