नई दिल्ली, 9 फरवरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की ओर से वीर सावरकर को भारत रत्न दिए जाने संबंधी बयान के बाद सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि वीर सावरकर ने अखंड भारत को टुकड़ों में बांट दिया, इसलिए भारत रत्न नहीं मिलना चाहिए।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "यह उनकी राय है, लेकिन सावरकर को भारत रत्न किस लिए मिलना चाहिए? दो-राष्ट्र सिद्धांत के लिए? यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह तय करे कि वह किस मकसद से यह अवॉर्ड देगी।"
उन्होंने कहा कि भारत रत्न एक बहुत बड़ा सम्मान है। इसी कारण किसी भी ऐसे व्यक्ति को नहीं मिल सकता है जिसने देश को बांटने का काम किया है। वीर सावरकर ने देश के लिए कई ऐसे काम किए हैं जिनसे नुकसान हुआ है।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के यूसीसी पर बयान पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, "क्या अभी तक इस पर स्टडी नहीं हुई है? बिना किसी स्टडी के यूसीसी को राज्यों में लाया गया है? आपने इस प्रक्रिया में आदिवासियों को प्रभावित किया है। आपको पता चलेगा कि यूसीसी का नुकसान कहां होगा।"
उत्तर प्रदेश में एसआईआर की डेडलाइन बढ़ाए जाने पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, "हम सिर्फ बात नहीं कर रहे हैं, हम काम कर रहे हैं। हम उन लोगों को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जो फॉर्म 7 के जरिए धोखाधड़ी करना चाहते हैं।"
बता दें कि उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने की प्रक्रिया जारी है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया था कि इस अभियान के अंतर्गत दावे और आपत्तियां 6 मार्च, 2026 तक प्राप्त की जाएंगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची से नाम विलोपन की कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। मृत, स्थानांतरित, दोहरी प्रविष्टि और अनुपस्थित मतदाताओं से संबंधित आपत्तियों पर फॉर्म-7 के माध्यम से कार्रवाई की जा रही है।