पटना, 9 फरवरी। बिहार विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार की कार्यवाही के दौरान भाजपा विधायक मिथिलेश तिवारी ने धार्मिक यात्रा पर आने वाले लोगों के अचानक समृद्ध होने का मामला उठाया। इसके जवाब में बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कहा कि टूरिस्ट वीजा पर आने वाले विदेशी नागरिकों की आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की सरकार जांच कराएगी।
बिहार विधानसभा में भाजपा के विधायक मिथिलेश तिवारी ने सरकार से सवाल पूछा कि धार्मिक यात्रा पर आने वाले विदेशी नागरिक किस तरह से पहचाने जाते हैं और उनका सत्यापन कैसे किया जाता है?
उन्होंने कहा कि क्या आने वाले यात्रियों के आने और उनके वापस जाने के समय उनकी कोई तस्वीर ली जाती है? उन्होंने कहा कि आजकल लोग धार्मिक यात्रा पर आते हैं और कुछ ही दिनों में आलीशान घर बना लेते हैं, जमीन-जायदाद लिखवा लेते हैं और वोटर लिस्ट में अपना नाम दर्ज करा लेते हैं।
इस सवाल के जवाब में सम्राट चौधरी ने कहा, "वर्ष 1990 से 2015 के बीच कुल 173 विदेशी नागरिक धार्मिक यात्रा पर गोपालगंज आए थे। इनमें से अधिकांश यानी 168 लोग पाकिस्तान से थे, जबकि कुछ लोग ब्रिटेन और उज़्बेकिस्तान से आए थे।"
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि विधायक की चिंता से सरकार भी सहमत है और सरकार भी इस मामले में चिंता करती है। सरकार इसकी जांच कराएगी कि जो लोग टूरिस्ट वीजा पर आए हैं, वे किसी आपराधिक घटना में तो नहीं शामिल हैं और उसी की आड़ में समृद्ध भी तो नहीं हो रहे हैं। सरकार यह भी जांच कराएगी कि विदेशी टूरिस्ट वीजा पर आकर कहीं दूसरा कार्य तो नहीं कर रहे हैं।
मंत्री ने बताया कि विभाग इस दिशा में सतर्क है और यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी विदेशी नागरिक द्वारा देश में कोई गलत कार्य न हो।