कोलकाता, 9 फरवरी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी गलतियों से भरी वोटर लिस्ट के साथ चुनाव कराने के लिए बेताब हैं।
पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष और पार्टी सांसद समिक भट्टाचार्य ने कहा, "तृणमूल कांग्रेस इस राज्य में एसआईआर प्रक्रिया को पूरी तरह से खत्म करने की कोशिश कर रही है। यही उनका एजेंडा है। वे गलतियों से भरी वोटर लिस्ट के साथ चुनाव कराने के लिए बेताब हैं।"
उन्होंने कहा, "अभी बंगाल में हालात ऐसे हैं कि आज कोलकाता के पास एक पार्षद ने किसी को लात मारकर मार डाला, जिसकी वजह से इसकी काफी चर्चा हो रही है। लेकिन 2021 के चुनावों के बाद 56 भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हुई और 27 महिलाओं का गैंगरेप हुआ। सीबीआई जांच चल रही है, फिर भी पुलिस सबूत मिटाने में लगी हुई है।"
भाजपा नेता दिलीप घोष ने भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई याचिका को लेकर हमला बोला। आईएएनएस से बात करते हुए दिलीप घोष ने कहा, "अगर ममता बनर्जी को खुद पर इतना भरोसा है कि वह केस जीत जाएंगी, तो उन्हें जाना चाहिए। लेकिन इस तरह का ड्रामा करने की क्या जरूरत है?"
उन्होंने कहा कि सरकार जितनी बार सुप्रीम कोर्ट जाती है, उतनी बार हारती है क्योंकि वह बिना किसी आधार के राय लेकर अपील कोर्ट जाती है। यहां ममता बनर्जी की सरकार के खिलाफ हर कोर्ट में केस सुने जा रहे हैं। वे कोई न्याय नहीं देती हैं और कोई फैसला नहीं लेती हैं। इसलिए लोगों को कोर्ट जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
उन्होंने पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी पर राज्य में महिलाओं, विपक्षी कार्यकर्ताओं और हिंदू समुदाय को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को निशाना बनाया जा रहा है। हिंदुओं को जान बचाने के लिए मुर्शिदाबाद से मालदा की ओर पलायन करना पड़ रहा है।
दिलीप घोष ने कहा, "बंगाल के गांवों में महिलाओं के साथ अत्याचार किया जा रहा है और विपक्षी पार्टियों के कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है। भाजपा के कार्यक्रमों में खुद पुलिस वाले झंडा उतारने में लगे रहते हैं। टीएमसी और पुलिस मिलकर काम कर रही हैं।"