जम्मू, 8 फरवरी। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (एसएमवीडीएसबी) ने रविवार को श्रद्धालुओं की सुविधाओं में सुधार और स्थानीय क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर कई दूरगामी फैसले लिए। इनका उद्देश्य माता वैष्णो देवी धाम और इसके आसपास के क्षेत्र को भारत के सबसे जीवंत और वैश्विक स्तर पर पहचाने जाने वाले आध्यात्मिक स्थलों में शामिल करना है, साथ ही रोजगार, आधारभूत ढांचे और सामुदायिक कल्याण को भी बढ़ावा देना है।
ये फैसले श्राइन बोर्ड की बैठक में लिए गए, जिसकी अध्यक्षता जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की। वह श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं।
बैठक में मां शक्ति की आध्यात्मिक विरासत को समर्पित एक अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय की स्थापना को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही वैश्विक तीर्थ स्थलों से प्रेरित अत्याधुनिक साउंड एंड लाइट शो और माता वैष्णो देवी श्राइन पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाने का भी निर्णय लिया गया। ‘शक्ति संग्रहालय’ को कटरा के नताली क्षेत्र में एशियन हेरिटेज फाउंडेशन के सहयोग से विकसित किया जाएगा, जो अपने आप में पहला ऐसा धार्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक केंद्र होगा।
श्राइन बोर्ड ने विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को भरने का फैसला भी किया है, जिसके लिए जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा, आसपास के क्षेत्रों के युवाओं के लिए निःशुल्क नीट (नीट) कोचिंग केंद्र स्थापित करने को भी मंजूरी दी गई।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के अनुरूप यात्रा मार्ग पर सेवाएं देने वालों, विशेषकर पोनीवालों, के पुनर्वास के लिए एक चरणबद्ध योजना तैयार कर उसे लागू करने का निर्णय भी लिया गया है।
श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाने और उनकी समग्र यात्रा अनुभूति को बेहतर बनाने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। समावेशी विकास पर जोर देते हुए बोर्ड ने स्वयं सहायता समूहों, महिलाओं और स्थानीय युवा उद्यमियों से प्राथमिकता के आधार पर खरीद करने तथा पूजा सामग्री स्थानीय स्तर पर ही प्राप्त करने का भी संकल्प लिया, ताकि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
कटरा को वैष्णो देवी धाम के कारण मिली वैश्विक पहचान का उल्लेख करते हुए बोर्ड ने शहर के समग्र विकास में प्रत्यक्ष योगदान देने का निर्णय लिया। इस अवसर पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा, “बोर्ड का संकल्प है कि कटरा को स्वच्छ, जीवंत और आधुनिक बुनियादी ढांचे से युक्त शहर बनाया जाए, जिससे यहां रहने वाले लोग और हर साल आने वाले करोड़ों श्रद्धालु लाभान्वित हों।”
इसके अलावा बोर्ड ने जम्मू क्षेत्र में खेलों के विकास की अगुवाई करने का भी फैसला किया, ताकि आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ युवाओं के स्वास्थ्य और प्रतिभा को भी बढ़ावा दिया जा सके।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बीमा कवर की राशि 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये प्रति श्रद्धालु करने का निर्णय लिया गया। बैठक में यात्रा मार्ग चौड़ीकरण, नए भवनों और मंदिर निर्माण जैसी प्रमुख आधारभूत परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और इनके समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।
बैठक में श्राइन बोर्ड के सभी सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।