जम्मू, 8 फरवरी। जम्मू-कश्मीर सरकार ने पिछले दो वित्तीय वर्षों में शराब की दुकानों की नीलामी से 2,152 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है और केंद्र शासित प्रदेश सरकार की चालू वित्तीय वर्ष में नई शराब की दुकानें खोलने की कोई योजना नहीं है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 में 1,03,462.49 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि 2024-25 में सरकार को 1,11,816.07 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि राजस्व में सबसे अधिक योगदान जम्मू क्षेत्र का रहा, जिसने पिछले दो वर्षों में 1,96,830.06 लाख रुपए का राजस्व अर्जित किया, जबकि कश्मीर क्षेत्र का योगदान 18,448.50 लाख रुपए रहा।
सरकार ने आगे कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में कोई भी नया जेकेईएल-2 शराब लाइसेंस जारी करने का प्रस्ताव नहीं है।
सरकार ने जिलावार विवरण साझा करते हुए बताया कि पिछले दो वर्षों में मौजूदा शराब की दुकानों से पर्याप्त राजस्व प्राप्त हुआ है।
जम्मू जिले में 2023-24 में राजस्व 48,350.15 लाख रुपए था जो 2024-25 में बढ़कर 50,913.93 लाख रुपए हो गया। उधमपुर में 2023-24 में 11,322 लाख रुपए और 2024-25 में 12,061.50 लाख रुपए का राजस्व दर्ज किया गया, जबकि कठुआ में इसी अवधि के दौरान 10,653 लाख रुपए और 11,272 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ।
कश्मीर क्षेत्र में, श्रीनगर में 2023-24 में 5,489.67 लाख रुपए का राजस्व दर्ज किया गया, जो 2024-25 में बढ़कर 6,557.66 लाख रुपए हो गया।
अनंतनाग का राजस्व 2023-24 में 1,403.50 लाख रुपए से बढ़कर 1,999.50 लाख रुपए हो गया, जबकि बारामूला में यह 872.23 लाख रुपए और 2024-25 में 1,139.84 लाख रुपए दर्ज किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1958 और समय-समय पर अधिसूचित उत्पाद शुल्क नीति के अनुसार, सभी शराब लाइसेंस केवल जम्मू-कश्मीर के निवासियों को ही जारी किए जाते हैं।