गुवाहाटी, 8 फरवरी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर उनके दो बच्चों की ब्रिटिश नागरिकता को लेकर एक बार फिर राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा एक जनप्रतिनिधि द्वारा लिए गए व्यक्तिगत निर्णयों पर गंभीर सवाल उठाता है।
आईएएनएस से बात करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से तुलना करते हुए कहा कि इतालवी मूल की होने के बावजूद उन्होंने अपने बच्चों को इतालवी नागरिकता दिलाने पर जोर नहीं दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोनिया गांधी ने भी कभी अपने बेटे और बेटी को इतालवी नागरिकता दिलाने पर जोर नहीं दिया। लेकिन यहां, जोरहाट के सांसद ने यह सुनिश्चित किया कि उनके दोनों बच्चे ब्रिटिश नागरिक बन जाएं।
सरमा ने आरोप लगाया कि यह निर्णय एक गहरी मानसिकता को दर्शाता है और जब इसमें एक मौजूदा सांसद शामिल हो तो इसे निजी मामला बताकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि गोगोई ने स्वेच्छा से अपने एक बच्चे की भारतीय नागरिकता त्याग दी थी, जिस पर उनके अनुसार सार्वजनिक जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह व्यक्तिगत हमलों का मामला नहीं है। जब आप सांसद होते हैं, तो आपके कार्यों और निर्णयों पर सार्वजनिक बहस होती है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में नागरिकता से जुड़े मुद्दे अधिक महत्वपूर्ण हो जाते हैं, खासकर जब राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी मुद्दे चर्चा में हों।
मुख्यमंत्री ने आगे आरोप लगाया कि गोगोई के बच्चों की नागरिकता की स्थिति पर पहले दिए गए सार्वजनिक बयानों में विसंगतियां थीं। उन्होंने कहा कि ये मुद्दे कांग्रेस सांसद के परिवार से जुड़े कथित विदेशी संबंधों की चल रही जांच के दौरान सामने आए हैं।
सरमा ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को गौरव गोगोई के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि उनका दावा है कि लोकसभा में विपक्ष के उपनेता ने अपने बच्चों की नागरिकता छोड़ दी है।
मुख्यमंत्री ने रविवार को यह भी गंभीर आरोप लगाया कि पाकिस्तान की यात्रा पर गए लोकसभा सांसद गौरव गोगोई कम से कम 10 दिनों तक डिजिटल रूप से निष्क्रिय रहे, जबकि पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने कांग्रेस नेता के वीजा परमिट में भी बदलाव किया।