कपिल मिश्रा एफआईआर मामले पर भड़के भाजपा नेता, पंजाब सरकार पर साधा निशाना

कपिल मिश्रा एफआईआर मामले पर भड़के भाजपा नेता, पंजाब सरकार पर साधा निशाना


चंडीगढ़, 9 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आप नेता आतिशी के कथित एडिटेड वीडियो मामले में पंजाब पुलिस द्वारा दिल्ली मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर मामले ने सियासी विवाद को जन्म दे दिया है। वीडियो मामले को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।

इस क्रम में पंजाब भाजपा के नेता अश्विनी शर्मा ने आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान सरकार पर जमकर निशाना साधा है। भाजपा नेता ने कपिल मिश्रा के खिलाफ दर्ज एफआईआर को राजनीति से प्रेरित बताया है।

भाजपा नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि दिल्ली सरकार के मंत्री और अरविंद केजरीवाल के मुखर आलोचक कपिल मिश्रा के खिलाफ पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर संभवतः पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर करवाई गई है।

यह कार्रवाई दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष द्वारा एक वीडियो को लेकर की जा रही जांच को दरकिनार करने का प्रयास प्रतीत होती है।

भाजपा नेता ने कहा कि पंजाब में इस समय अपराध चरम पर है। सरेआम हत्याएं और लूटपाट की घटनाएं बढ़ रही हैं। हर कोने में गैंगस्टर फिरौती वसूल रहे हैं, गली-गली चेन स्नैचिंग की वारदातें हो रही हैं, और नशा खुलेआम बिक रहा है। आम जनता भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को चाहिए कि वे पंजाब पुलिस का दुरुपयोग कर अपने राजनीतिक आकाओं की चाटुकारिता करने के बजाय, प्रदेश की बद से बदतर होती कानून-व्यवस्था को संभालने पर ध्यान दें।

वहीं, दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि विधानसभा ने सदन की कार्यवाही के अनधिकृत वीडियो क्लिप के आधार पर मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर का औपचारिक संज्ञान लिया है।

आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी द्वारा कथित तौर पर “सिख गुरुओं के अपमान” से जुड़े इस वीडियो क्लिप का मुद्दा भाजपा के लक्ष्मी नगर विधायक अभय वर्मा ने उठाया था।

जालंधर पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर उस वीडियो क्लिप पर आधारित है जो दिल्ली विधानसभा में आतिशी प्रकरण से संबंधित है। इसे पंजाब पुलिस ने मिश्रा के एक्स हैंडल से डाउनलोड किया और फोरेंसिक जांच के बाद इसे “छेड़छाड़” घोषित कर मिश्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया।
 
पंजाब पुलिस का यह कदम साफ तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध की भावना को दर्शाता है। जब पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी गंभीर है और ड्रग्स से लेकर गैंगवार तक की खबरें रोज आ रही हैं, तब वहां की पुलिस दिल्ली के नेताओं पर FIR दर्ज करने में व्यस्त है। यह न केवल सत्ता का दुरुपयोग है, बल्कि अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने की एक कोशिश भी है। सरकार को पुलिस का इस्तेमाल अपराधियों को पकड़ने के लिए करना चाहिए, न कि विरोधियों की आवाज दबाने के लिए।
 

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