विदेश में राहुल गांधी की बयानबाजी राष्ट्रविरोधी : किरोड़ी लाल मीणा

विदेश में राहुल गांधी की बयानबाजी राष्ट्रविरोधी: किरोड़ी लाल मीणा


जयपुर, 9 जनवरी (आईएएनएस)। राजस्थान सरकार में मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि वे विदेश में जाकर देश के खिलाफ बयानबाजी करते हैं और यह राष्ट्रविरोधी है।

राजस्थान सरकार में मंत्री का यह बयान उस वक्त आया है, जब जगतगुरु रामभद्राचार्य ने राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाने की सलाह दी है।

इस पर मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने जयपुर में आईएएनएस से बातचीत में कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि राहुल गांधी विदेश जाकर भारत की छवि खराब करते हैं। वे राष्ट्रहित के अति-संवेदनशील मुद्दों को बेवजह तूल देते हैं। पड़ोसी देश चीन, जो भारत के प्रति दुश्मनी रखता है, उसके राजदूत से मिलने जाते हैं। वे विदेश जाकर ऐसे काम जरूर करते हैं, जो ठीक नहीं हैं। विदेश में जो बयानबाजी करते हैं, वह राष्ट्र-विरोधी है।

मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। लेकिन, वे इस जिम्मेदारी को ठीक ढंग से नहीं निभा रहे हैं। मुझे लगता है कि रामभद्राचार्य ने जो उनके बारे में कहा है। वह बिल्कुल सही है, मर्यादा में रहकर बयान देना चाहिए।

जेएनयू परिसर में विवादित नारों को लेकर मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि पीएम मोदी एक राष्ट्रभक्त व्यक्ति हैं। जेएनयू में उनके खिलाफ लगे नारे राष्ट्र विरोधी थे। प्रधान सेवक के बारे में ऐसा कहा जाए, यह बर्दाश्त करने लायक नहीं है। जेएनयू में भारत विरोधी तत्व हैं, जो भारत की मान्यताओं को नहीं मानते। ऐसी सोच को खत्म करना या बदलना जरूरी है, संस्कारों के जरिए या कानून के जरिए।

सीएम ममता बनर्जी पर मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जताने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन विरोध अलोकतांत्रिक तरीके से नहीं होना चाहिए। भारत में ईडी एक बहुत बड़ी संस्था है, जो पीएमएलए के तहत कार्रवाई करने गई थी। लेकिन, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां खुद पहुंच गईं। उन्हें ईडी की कार्रवाई में सहयोग करना चाहिए था। उन्होंने लक्ष्मण रेखा पार की है जो कि ममता बनर्जी जैसी नेता से उम्मीद नहीं की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि सीएम ममता बनर्जी भ्रष्टाचार और काले धन से जुड़े दस्तावेज लेकर आई हैं। पहले खुद गलती करें, फिर सड़क पर उतरें। यह लोकतंत्र का मजाक है।
 
किरोड़ी लाल मीणा जी ने बिल्कुल सही मुद्दा उठाया है। लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन जब कोई नेता विदेश में जाकर देश की छवि को धूमिल करता है, तो उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। 'नेशन फर्स्ट' की भावना सर्वोपरि होनी चाहिए और रक्षा या रणनीतिक मामलों पर बयानबाजी करते समय अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए।
 

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