नई दिल्ली, 8 फरवरी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के एक तथाकथित वीडियो को लेकर कांग्रेस हमलावर है। कांग्रेस ने दावा किया है कि असम भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें अल्पसंख्यकों की टारगेटेड 'पॉइंट-ब्लैंक' हत्या को महिमामंडित किया गया है।
कांग्रेस ने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "भाजपा के ऑफिशियल असम प्रदेश हैंडल ने एक वीडियो पोस्ट किया है। यह बहुत ही घिनौना और परेशान करने वाला है। इसे सिर्फ रैंडम ट्रोल कंटेंट कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह बड़े पैमाने पर हिंसा और नरसंहार का खुला आह्वान है। यह इस फासीवादी सरकार का असली चेहरा दिखाता है, जिसने दशकों से इस नफरत को पाला है और पिछले 11 सालों में इसे सामान्य बनाने की कोशिश की है।"
कांग्रेस ने पोस्ट में लिखा, "मामले की गंभीरता को देखते हुए समाज में अशांति और जहर फैलाने के इस काम के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।"
पार्टी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री से इस घटना की निंदा करने और जवाबदेही तय करने की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती। हालांकि, न्यायपालिका को मजबूती से दखल देना चाहिए। उसने लिखा, "कांग्रेस इस कृत्य की निंदा करती है और न्यायपालिका से आग्रह करती है कि हिंसा के ऐसे खुले आह्वान के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करे जो शांति के लिए खतरा हैं और सामाजिक दुश्मनी फैलाते हैं।"
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने भी कथित वीडियो को लेकर भाजपा पर हमला बोला है। उन्होंने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "भाजपा के एक आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट ने एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें नरसंहार के लिए उकसाने के अलावा और कुछ नहीं है। यह एक ऐसा सपना है, जिसे यह फासीवादी सरकार दशकों से देख रही है।"
उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि यह कोई मामूली वीडियो नहीं है जिसे ट्रोल कंटेंट समझकर नजरअंदाज कर दिया जाए। यह जहर सबसे ऊपर से फैलाया जा रहा है और इसके लिए सजा मिलनी चाहिए। वेणुगोपाल ने लिखा, "इस बात की कोई उम्मीद नहीं है कि केंद्र इसकी निंदा करेगा या इसके खिलाफ कार्रवाई करेगा, लेकिन न्यायपालिका को कार्रवाई करनी चाहिए और इस मामले में कोई नरमी नहीं दिखानी चाहिए।"