इंफाल, 8 फरवरी। मणिपुर में सुरक्षा बलों ने पिछले 24 घंटों में भारत-म्यांमार सीमा के पास के इलाकों से अलग-अलग उग्रवादी संगठनों से जुड़े पांच कट्टर आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। आतंकियों के पास से कई मोर्टार और दो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद किए हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मोर्टार और आईईडी तेंगनौपाल जिले के मोरेह पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में भारत-म्यांमार सीमा के पास यांगौबुंग इलाके से बरामद किए गए। बाद में बम निरोधक दस्ते ने इन विस्फोटकों को नष्ट कर दिया।
मणिपुर की म्यांमार के साथ 398 किलोमीटर की बिना बाड़ वाली सीमा है, जो भारत में ड्रग्स, खासकर हेरोइन और मेथामफेटामाइन टैबलेट, के साथ-साथ हथियार, गोला-बारूद और अन्य प्रतिबंधित सामानों की तस्करी के लिए एक मुख्य ट्रांजिट रूट का काम करती है।
अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए पांच उग्रवादी पीपल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेइपाक, कांगलेई यावोल कन्ना लुप और यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट के थे। उन्हें तीन जिलों - इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम और काकचिंग से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार किए गए ये उग्रवादी कथित तौर पर व्यापारियों, ठेकेदारों, सरकारी कर्मचारियों और आम जनता से जबरन चंदा वसूलने सहित विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे।
इस बीच, सुरक्षा बलों और वन विभाग की एक संयुक्त टीम ने उखरुल जिले के उखरुल पुलिस स्टेशन के तहत सिहाई पहाड़ी श्रृंखला में लगभग 70 एकड़ में अवैध अफीम की खेती को नष्ट कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि इस ऑपरेशन से कई करोड़ रुपए की अफीम बनाने की कोशिश को नाकाम कर दिया गया। अफीम की खेती वाली जगहों पर मिली चार झोपड़ियों को भी तोड़कर नष्ट कर दिया गया।
केंद्र और राज्य एजेंसियों वाली सुरक्षा बल मणिपुर के सीमावर्ती, मिश्रित आबादी वाले और संवेदनशील इलाकों में बड़े पैमाने पर आतंकवाद विरोधी अभियान चला रहे हैं, जिसमें तलाशी अभियान और एरिया डोमिनेशन ड्राइव शामिल हैं। उग्रवादियों और संदिग्ध वाहनों की आवाजाही को रोकने के लिए घाटी और पहाड़ी जिलों में पूरे राज्य में कुल 114 नाके और चेकपॉइंट बनाए गए हैं।
सुरक्षाकर्मी इम्फाल-जिरिबाम नेशनल हाईवे (एनएच-37) पर जरूरी सामान ले जा रहे ट्रकों सहित वाहनों को एस्कॉर्ट भी दे रहे हैं। वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और काफिले की सुरक्षा जारी है।
मणिपुर पुलिस ने जनता से अफवाहों पर विश्वास न करने या सोशल मीडिया पर चल रहे फर्जी वीडियो के झांसे में न आने का आग्रह किया है। पुलिस के एक बयान में चेतावनी दी गई है कि किसी भी ऑडियो या वीडियो क्लिप की प्रामाणिकता सेंट्रल कंट्रोल रूम से वेरिफाई की जानी चाहिए। सोशल मीडिया पर फर्जी कंटेंट अपलोड करने या फैलाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।