किसानों को शिवराज का अभयदान: भारत-अमेरिका ट्रेड डील से भारतीय कृषि को खतरा नहीं, हित पूर्णतः सुरक्षित

भारत-अमेरिका ट्रेड डील से किसानों को कोई नुकसान नहीं : शिवराज सिंह चौहान


भोपाल, 8 फरवरी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को स्पष्ट किया कि भारत-अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते का ढांचा भारतीय किसानों के हितों को किसी भी तरह से नुकसान नहीं पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते में अमेरिका ने कई भारतीय कृषि उत्पादों पर शुल्क घटाकर शून्य कर दिया है, जबकि भारत ने अपने किसानों और कृषि क्षेत्र की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की है।

भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में भारतीय किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने साफ कहा कि इस डील के तहत किसी भी प्रमुख फसल, फल, डेयरी उत्पाद या मसाले को अमेरिकी आयात के लिए नहीं खोला गया है। यानी भारत के संवेदनशील कृषि क्षेत्रों पर कोई समझौता नहीं किया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस समझौते के तहत अमेरिका में भारतीय उत्पादों पर औसतन टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत रह गया है। वहीं अमेरिका का दावा है कि इस समझौते से उसे भारत में अपने कृषि उत्पादों के निर्यात में मदद मिलेगी, लेकिन शिवराज सिंह चौहान ने दो टूक कहा कि भारत ने अमेरिकी कृषि उत्पादों को कोई विशेष रियायत नहीं दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने कहा था कि वह देश को झुकने नहीं देंगे और किसानों के हितों को नुकसान नहीं होने देंगे। इस व्यापार समझौते में इन दोनों बातों का पूरा ध्यान रखा गया है। अगर हम कृषि और कृषि उत्पादों को देखें तो ऐसा कोई भी उत्पाद शामिल नहीं किया गया है जिससे भारतीय किसानों को नुकसान हो।"

शिवराज सिंह चौहान ने विस्तार से उन उत्पादों का जिक्र किया, जिन पर किसी तरह की टैरिफ छूट नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, अनाज, पोल्ट्री, डेयरी उत्पाद, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, एथनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर कोई रियायत नहीं दी गई है। इसके अलावा दूध, पाउडर, क्रीम, दही, छाछ, मक्खन, घी, बटर ऑयल, पनीर और चीज जैसे किसी भी डेयरी उत्पाद का आयात भारत में नहीं होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय मसाले भी पूरी तरह सुरक्षित हैं।

कृषि मंत्री ने बताया कि कई भारतीय कृषि उत्पाद अब अमेरिका में शून्य शुल्क पर निर्यात किए जा रहे हैं, जबकि अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में ऐसी कोई छूट नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने कई कृषि उत्पादों पर टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया है, जिससे भारत के निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिला है।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत के मसाला निर्यात में 88 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और भारतीय मसाले व मसाला उत्पाद दुनिया के करीब 200 देशों में निर्यात किए जा रहे हैं। इससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। टेक्सटाइल सेक्टर का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत का टैरिफ प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में काफी कम, यानी 18 प्रतिशत है। इस समझौते से महिला स्वयं सहायता समूहों की आय और जीवन स्तर में भी सुधार होगा।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब तक अमेरिका सहित कुल नौ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किए जा चुके हैं और कई अन्य देशों के साथ बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि ये सभी समझौते 2047 तक 'विकसित भारत' और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि अंतरिम समझौते के सफल होने पर अमेरिका कई वस्तुओं पर लगाए गए पारस्परिक टैरिफ हटा देगा। इनमें जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे तथा विमान के पुर्जे जैसे उत्पाद शामिल हैं। इससे भारत के उद्योग और निर्यात को और मजबूती मिलेगी।
 

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