चेन्नई, 8 फरवरी। तमिलनाडु सरकार ने विधानसभा चुनाव प्रक्रिया से पहले लंबित संस्थागत नियुक्तियों को पूरा करने की कोशिश में आयोगों और सार्वजनिक निकायों में कई महत्वपूर्ण वैधानिक पदों को भरने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
सरकार की प्राथमिकता के तौर पर राज्य सूचना आयोग को मजबूत करने की कोशिश है, जो सूचना का अधिकार (आरटीआई) अपील और शिकायतों को देखता है। इसी क्रम में सरकार ने सूचना आयुक्तों की संख्या बढ़ाने और अगले सप्ताह होने वाली औपचारिक चयन प्रक्रिया के माध्यम से दो अतिरिक्त पदों को भरने का फैसला किया है।
वर्तमान में आयोग का नेतृत्व मुख्य सूचना आयुक्त और छह सूचना आयुक्त करते हैं। आचार संहिता से पहले दो और सदस्यों को जोड़े जाने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार, पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति केबीके वासुकी की अध्यक्षता वाली एक समिति ने पहले ही उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया है। पैनल में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एमपी शिवनारुल और पूर्व आईपीएस अधिकारी के राधाकृष्णन भी शामिल हैं।
प्रशासनिक या कानूनी अनुभव वाले योग्य व्यक्तियों से आवेदन मांगे गए थे। प्रक्रिया के अनुसार, सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के लिए सरकार की ओर से कैबिनेट मंत्री वाली तीन सदस्यीय समिति सिफारिश करती है। इस सिफारिश के बाद राज्यपाल सूचना आयुक्तों की नियुक्ति करते हैं।
13 फरवरी को सचिवालय में महत्वपूर्ण चयन समिति की बैठक तय की गई है। विपक्ष के नेता एडप्पादी के पलानीस्वामी ने बैठक में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है। सूत्रों ने बताया कि पलानीस्वामी को निमंत्रण भेजा गया था, लेकिन उन्होंने अधिकारियों को सूचित किया कि वह इसमें शामिल नहीं होंगे।
इसके साथ ही, सरकार ने तमिलनाडु हेरिटेज कमीशन के लिए एक चेयरपर्सन की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पद के लिए आवेदन 18 फरवरी तक स्वीकार किए जाएंगे। संभावनाएं हैं कि महीने के आखिर तक इस नियुक्ति को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
इसके अलावा, अखिल भारतीय सिविल सेवा कोचिंग सेंटर के प्रिंसिपल की सीधी भर्ती के लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने संकेत दिया कि सरकार इन सभी नियुक्तियों को जल्द से जल्द पूरा करना चाहती है, ताकि चुनाव नोटिफिकेशन और आचार संहिता लागू होने के बाद देरी से बचा जा सके, क्योंकि इससे ऐसे प्रशासनिक फैसलों पर रोक लग जाएगी।