साओ पाउलो, 8 फरवरी। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने क्यूबा और वेनेजुएला के आंतरिक मामलों में अमेरिका की भूमिका पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी देश की समस्याओं का समाधान वहां के लोगों को ही करना चाहिए, न कि किसी बाहरी ताकत को दखल देना चाहिए।
शनिवार को बहिया राज्य के साल्वाडोर शहर में वर्कर्स पार्टी की 46वीं वर्षगांठ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति लूला ने कहा कि ब्राजील क्यूबा के लोगों के साथ पूरी एकजुटता में खड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्यूबा की जनता एक ऐसी त्रासदी का सामना कर रही है, जिसे अमेरिकी नीतियों और अटकलों ने ज्यादा गंभीर बना दिया है।
लूला ने कहा, "हमारा देश क्यूबा के लोगों के साथ खड़ा है, और एक राजनीतिक दल के रूप में हमें उनके लिए मदद के रास्ते तलाशने चाहिए।"
लूला ने वेनेजुएला के मुद्दे पर भी अमेरिका को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, "वेनेजुएला की समस्या का समाधान वेनेजुएला के लोग खुद करेंगे, न कि संयुक्त राज्य अमेरिका या ट्रंप।"
इस बीच, अमेरिका और क्यूबा के बीच बातचीत को लेकर भी बयानबाजी तेज हो गई है। गुरुवार को व्हाइट हाउस ने क्यूबा के नेतृत्व की ओर से जताई गई शंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कूटनीति के लिए भी तैयार हैं और दोनों देशों के बीच संवाद पहले से ही चल रहा है।
एक पत्रकार ने क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कैनेल के बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि क्यूबा अमेरिका से बातचीत तभी करेगा जब वह बिना दबाव, बिना शर्त, बराबरी के स्तर पर और संप्रभुता के सम्मान के साथ हो। साथ ही, क्यूबा सरकार ने ट्रंप के इस दावे को भी नकारा कि दोनों देशों के बीच बातचीत हो रही है।
इस पर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि क्यूबा सरकार आखिरी दौर में है और देश के हालात बेहद खराब हैं, इसलिए उसे अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ बयान देने में समझदारी दिखानी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी दोहराया कि राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा कूटनीतिक बातचीत के लिए तैयार रहते हैं। लेविट ने आगे दावा किया कि अमेरिका और क्यूबा सरकार के बीच बातचीत वास्तव में इस समय भी चल रही है।