पटना, 7 फरवरी। बिहार के मधेपुरा सदर ब्लॉक के साहूगढ़ के कारू टोला में एक अपग्रेडेड मिडिल स्कूल में शनिवार को मिड-डे मील खाने के बाद 70 से ज्यादा स्कूली बच्चे बीमार पड़ गए, जिससे टीचरों, माता-पिता और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, खाना खाने के कुछ ही देर बाद बच्चे एक-एक करके बीमार पड़ने लगे।
उन्हें उल्टी, पेट दर्द, चक्कर आना, बेचैनी और घबराहट की शिकायत हुई, जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही छात्रों के माता-पिता स्कूल में जमा हो गए। सभी बीमार बच्चों को तुरंत एम्बुलेंस और प्राइवेट गाड़ियों से मधेपुरा सदर अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि ज्यादातर बच्चों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं, हालांकि एक लड़की की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। माता-पिता ने अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और इस मामले की पूरी जांच की मांग की।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, मिड-डे मील योजना से जुड़ी एक एनजीओ द्वारा सप्लाई किए गए खाने में कथित तौर पर छिपकली गिर गई थी। अधिकारियों ने अभी तक कारण की पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच के हिस्से के तौर पर खाने के सैंपल की जांच की जाएगी।
घटना की जानकारी मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) संजय कुमार सदर अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पूरी जांच शुरू कर दी गई है।
डीईओ ने आगे कहा, "अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही या कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित एनजीओ और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
इस घटना से माता-पिता में काफी गुस्सा है, जिन्होंने अधिकारियों पर खराब निगरानी और लापरवाही का आरोप लगाया है। मिड-डे मील कार्यक्रम के क्वालिटी कंट्रोल, साफ-सफाई के मानकों और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि किसी भी लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।