कोच्चि, 11 मार्च (आएएनएस)। केरल सरकार बुधवार को होने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग उद्घाटन कार्यक्रम का बहिष्कार करने जा रही है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एर्नाकुलम में शामिल होने वाले हैं।
यह घटना केरल के लोक निर्माण मंत्री पीए मोहम्मद रियास को कार्यक्रम से बाहर किए जाने को लेकर उत्पन्न विवाद के चलते सामने आई है।
लोक निर्माण मंत्री होने के अलावा रियास मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन के दामाद भी हैं। मुख्यमंत्री विजयन और मंत्री एमबी राजेश और के. कृष्णनकुट्टी ने कार्यक्रम में भाग न लेने का निर्णय लिया है।
केरल सरकार के मंत्री राजेश ने कहा कि कार्यक्रम के लिए आमंत्रण उन्हें मंगलवार को मिला और उनके क्षेत्र में पहले से ही अन्य कार्यक्रम निर्धारित थे। वहीं, कृष्णनकुट्टी ने भी कार्यक्रम में भाग लेने में असुविधा का हवाला दिया।
यह मामला उस राजनीतिक विवाद के बीच आया है जब रियास को समारोह में आमंत्रित नहीं किए जाने की खबरें आई थीं। केरल सरकार का दूर रहने का निर्णय व्यापक रूप से उनके बहिष्कार के विरोध के रूप में देखा जा रहा है।
यह कार्यक्रम एक बड़े आयोजन का हिस्सा है, जहां प्रधानमंत्री केरल में 10,800 करोड़ रुपये के विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने वाले हैं। हालांकि मुख्यमंत्री विजयन का नाम कथित तौर पर कार्यक्रम सूचना में था लेकिन उन्होंने इसमें भाग न लेने का निर्णय लिया है।
कार्यक्रम में शामिल व्यक्तियों में भाजपा की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन भी हैं।
उद्घाटन की जाने वाली प्रमुख परियोजनाओं में राष्ट्रीय राजमार्ग 66 के थलप्पाड़ी-चेंगाला छह लेन और कोझिकोड बायपास के वेंगालम-रमनट्टुकारा छह लेन खंड शामिल हैं। दोनों परियोजनाएं केरल में राष्ट्रीय राजमार्ग 66 के विस्तार का हिस्सा हैं।
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए रियास ने कहा कि उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित करने की कोई सूचना नहीं मिली और उन्होंने इस स्थिति को "लोकतंत्र के प्रतिकूल" बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने परियोजना में प्रमुख भूमिका निभाई थी, जिसमें भूमि अधिग्रहण के लिए वित्त पोषण भी शामिल था।
रियास ने कहा कि उन्हें सूचना है कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी कार्यक्रम में भाग नहीं लेंगे। उन्होंने इसे "जल्दबाजी में आयोजित उद्घाटन" बताया और तर्क दिया कि एलडीएफ सरकार के समर्थन के बिना परियोजना रुक सकती थी।
वहीं, माकपा ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से उठाएगा। माकपा ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कि वह राज्य सरकार की भागीदारी से लागू परियोजना का पूरा श्रेय लेने की कोशिश कर रही है। पार्टी नेआरोप लगाया कि एक परियोजना के कार्यक्रम को राजनीतिक कार्यक्रम में बदल दिया गया।
केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने बहिष्कार पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य सरकार का नेतृत्व मुख्यमंत्री कर रहे हैं और कोई नियम नहीं है कि मुख्यमंत्री के दामाद को भी शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, "एक प्रोटोकॉल है और मुझे कोई नियम नहीं पता कि मुख्यमंत्री के परिवार को भी आमंत्रित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री जानते थे क्योंकि उन्हें आमंत्रण एक सप्ताह पहले मिला था और केवल अब यह मुद्दा सामने आया है। वे आमंत्रण मिलने पर इसे इंगित कर सकते थे।"
राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम पहले से एक सप्ताह पहले घोषित किया गया था व मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया गया था और वे तब सूचित कर सकते थे, लेकिन चुप रहे और यह बुधवार को मुद्दा बन गया। विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण इसे बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया गया है।