बनासकांठा, 7 फरवरी। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार को आद्यशक्ति धाम अंबाजी में शक्ति कॉरिडोर के पहले चरण के तहत 950 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। यह परियोजना आद्यशक्ति धाम में तीर्थयात्रियों के लिए बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
लगभग 1,632 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से बन रही शक्ति कॉरिडोर परियोजना अंबाजी के मुख्य मंदिर को गब्बर हिल और मानसरोवर से जोड़ेगी।
अधिकारियों ने बताया कि अगले 25 वर्षों के लिए तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक दीर्घकालिक और दूरदर्शी मास्टर प्लान तैयार किया गया है।
पहले चरण में बहुस्तरीय पार्किंग सुविधा, एक अंडरपास सड़क, यात्री निवास, पैदल मार्ग, दिव्य दर्शन चौक, शक्तिपथ, एक एम्फीथिएटर और लाइट-एंड-साउंड शो की व्यवस्था शामिल होगी।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित और निर्देशित होकर, आद्यशक्ति धाम अंबाजी का समग्र और भविष्योन्मुखी विकास कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और अगले 25 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अंबाजी के लिए एक दूरदर्शी मास्टर प्लान तैयार किया गया है।
प्रधानमंत्री के विरासत से जुड़े विकास के व्यापक दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व से लेकर देश भर के तीर्थ स्थलों के जीर्णोद्धार तक, प्रधानमंत्री मोदी ने 'विकास भी, विरासत भी' के मंत्र को साकार किया है।
उन्होंने उल्लेख किया कि इस दृष्टिकोण के तहत कई पवित्र स्थलों का नया विकास हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंबाजी मंदिर 51 शक्ति पीठों में विशेष स्थान रखता है और प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि वार्षिक शक्ति पीठ परिक्रमा महोत्सव लाखों भक्तों को दर्शन करने में सक्षम बनाता है, और हाल ही में आयोजित कार्यक्रम में पांच लाख से अधिक भक्तों ने भाग लिया।