बुंदेलखंड में उद्योग क्रांति: योगी सरकार का भूमि अधिग्रहण अभियान तेज, खुलेगा निवेश-रोजगार और समृद्धि का मार्ग

बुंदेलखंड को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम, बीडा क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण तेज


लखनऊ, 7 फरवरी। उत्तर प्रदेश सरकार बुंदेलखंड के समग्र और संतुलित विकास को लेकर लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के तहत औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए 23,590 एकड़ भूमि की अधिग्रहण प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है।

इसके साथ ही राज्य सरकार ने कुल 56,662 एकड़ भूमि को औद्योगिक विकास के लिए औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह निर्णय केवल औद्योगिक ढांचा विकसित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य बुंदेलखंड के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य में व्यापक बदलाव लाना है। वर्षों से पिछड़े माने जाने वाले इस क्षेत्र को निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाने की रणनीति पर सरकार तेजी से काम कर रही है।

बुंदेलखंड को औद्योगिक हब बनाने की रणनीति योगी सरकार का फोकस बुंदेलखंड को विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक उत्पादन के मजबूत हब के रूप में विकसित करने पर है। बीडा क्षेत्र में भारी उद्योग, रक्षा उत्पादन, एमएसएमई, लॉजिस्टिक्स और सहायक इकाइयों के लिए एकीकृत औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। इसके तहत सड़क, बिजली, जलापूर्ति, औद्योगिक प्लॉट, वेयरहाउसिंग और कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि निवेशकों को बेहतर कारोबारी माहौल मिल सके। इस औद्योगिक पहल का असर अब जमीन पर दिखने लगा है।

भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) ने बीडा क्षेत्र में लगभग 600 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत भारी मशीनरी, रक्षा उपकरण और औद्योगिक उत्पादों के निर्माण से जुड़ी इकाइयां स्थापित की जाएंगी। सरकार का अनुमान है कि इस परियोजना से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलेंगे और पलायन पर प्रभावी रोक लगेगी।

औद्योगिक गतिविधियों को और मजबूती देने के लिए बीडा क्षेत्र में 100 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किया जाएगा। इस परियोजना का निर्माण कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (कॉनकोर) द्वारा किया जाएगा। इससे सड़क और रेल नेटवर्क के जरिए माल परिवहन सुगम होगा, लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी और निर्यात क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।

सरकार का कहना है कि बीडा परियोजना का लाभ बड़े उद्योगों के साथ-साथ एमएसएमई, स्टार्टअप्स और स्थानीय उद्यमियों को भी मिलेगा। इससे बुंदेलखंड में स्थायी आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा और क्षेत्र आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेगा। राज्य सरकार के मुताबिक, बीडा के माध्यम से बुंदेलखंड को औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की तैयारी है, जो रोजगार सृजन, निवेश वृद्धि और समावेशी विकास का मजबूत आधार बनेगी।
 

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