नई दिल्ली, 7 फरवरी। दिल्ली के मयूर विहार क्षेत्र के लिए आज का दिन आस्था, सम्मान और सांस्कृतिक गौरव के पुनरुद्धार का साक्षी बना। स्थानीय जनता की वर्षों पुरानी मांग और करोड़ों सनातनी हृदयों की भावनाओं को सम्मान देते हुए मयूर विहार पॉकेट-1 मेट्रो स्टेशन का नाम अब आधिकारिक रूप से 'श्री राम मंदिर मयूर विहार' कर दिया गया है।
यह निर्णय न सिर्फ आवागमन की सुविधा के लिहाज से ऐतिहासिक है, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी नई ऊंचाई प्रदान करता है।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के अधिकारियों ने बताया कि वर्षों से पॉकेट-1 और फेज-1 मेट्रो स्टेशनों के बीच नाम की समानता के कारण यात्रियों और स्थानीय निवासियों में भ्रम की स्थिति बनी रहती थी, लेकिन इससे भी बड़ी बात जनता की श्री राम मंदिर से जुड़ी गहरी आस्था थी। श्री सनातन धर्म सभा (मयूर विहार संचालन समितिः श्री राम मंदिर, पॉकेट-1) द्वारा इस पवित्र नाम परिवर्तन की मांग को लेकर सतत प्रयास किए जा रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि को वास्तविकता में बदलने में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का संवेदनशील नेतृत्व और जनआस्था के प्रति उनकी गहरी समझ निर्णायक रही। मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई करते हुए इस प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाया।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक और सनातन संस्कृति के सजग प्रहरी रविकांत उज्जैनवाल ने इस विषय को लेकर निरंतर पैरवी की। उनके अटूट समर्पण और जनसेवा की भावना के कारण ही आज मयूर विहार की जनता का यह सपना साकार हो सका है।
इस निर्णय से मयूर विहार की समस्त जनता, राम भक्तों और सनातन प्रेमियों में हर्ष है। स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और विधायक रविकांत उज्जैनवाल का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि जन-जन की भावनाओं को दिया गया एक सम्मान है। यह ऐतिहासिक क्षण मयूर विहार की पहचान को 'राममय' कर गया है।