नई दिल्ली, 7 फरवरी। भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड डील को लेकर देशभर से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अलग-अलग राज्यों के उपमुख्यमंत्री, मंत्री और सांसदों ने इसे भारत की अर्थव्यवस्था, निर्यात और किसानों के लिए फायदेमंद बताया है। नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई यह डील भारत के हितों को ध्यान में रखकर की गई है और इससे देश को लंबे समय में बड़ा लाभ मिलेगा।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अमेरिका-भारत ट्रेड डील पूरी तरह भारत के हितों को ध्यान में रखकर की गई है।
सीएम मौर्य ने कहा कि अमेरिका के साथ हुई इस डील के साथ-साथ यूरोपीय संघ और यूनाइटेड किंगडम के साथ हुई व्यापारिक समझौतों से भी भारत आर्थिक रूप से और अधिक संपन्न होगा।
राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा ने कहा कि शुरुआत में अमेरिका ने टैरिफ बढ़ाने की कोशिश की थी, लेकिन अब धीरे-धीरे उसे कम किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "यह निश्चित रूप से अच्छी बात है, और मेरा मानना है कि इससे भारत की आर्थिक वृद्धि को मजबूती मिलेगी।"
राज्यसभा सदस्य हर्ष वर्धन श्रृंगला ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता यूरोपीय संघ के 27 देशों के साथ हुए बड़े समझौते के तुरंत बाद हुआ है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील से भारतीय निर्यातकों, छोटे उद्योगपतियों, किसानों और मजदूरों को अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बड़ा फायदा मिलेगा।
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील और उससे पहले यूरोपीय संघ के साथ हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, दोनों ही बड़े समझौते हैं। उन्होंने बताया कि टैरिफ 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत तक आ गया है। इससे भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी कीमतों पर अपने उत्पाद बेचना आसान हो गया है।
बिहार के बेतिया से भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि अब भारत से निर्यात होने वाले सामान पर सिर्फ 18 प्रतिशत टैरिफ लगेगा, जबकि बांग्लादेश से निर्यात होने वाले सामान पर 19 से 20 प्रतिशत तक टैरिफ है।
उन्होंने बताया कि भारत अब कम टैरिफ वाले देशों में शामिल हो गया है। अमेरिका में भारत के टेक्सटाइल और ज्वेलरी निर्यात का बड़ा हिस्सा जाता रहा है और इस डील से इन सेक्टरों को और मजबूती मिलेगी।