पीरियड्स के दर्द, थकान और चिड़चिड़ापन से कैसे पाएं राहत? सही देखभाल के ये आसान उपाय रखेंगे आपको फिट

पीरियड्स में दर्द, थकान या चिड़चिड़ापन से परेशान? सही देखभाल से रहें फिट


नई दिल्ली, 7 फरवरी। पीरियड्स के दौरान दर्द, थकान या चिड़चिड़ापन महसूस होना बहुत आम बात है और हर लड़की या महिला कभी न कभी इससे गुजरती है। पेट के निचले हिस्से में ऐंठन, कमर दर्द, सिर दर्द, उलझन या बिना किसी खास वजह के मूड खराब होना हार्मोनल बदलावों की वजह से होता है। इस समय शरीर थोड़ा कमजोर भी महसूस करता है, इसलिए खुद को समझना और सही देखभाल करना बेहद जरूरी हो जाता है।

सबसे पहले खाने-पीने पर ध्यान देना चाहिए। पीरियड्स के दिनों में हल्का, पोषण से भरपूर खाना जैसे हरी सब्जियां, फल, दालें और आयरन से भरपूर चीजें शरीर को ताकत देती हैं। खूब पानी पीना भी बहुत जरूरी है, इससे पेट की सूजन और थकान कम होती है। ज्यादा नमक, जंक फूड, चाय-कॉफी और कोल्ड ड्रिंक से दूरी बनाकर रखना बेहतर रहता है क्योंकि ये दर्द और चिड़चिड़ापन बढ़ा सकते हैं।

इसके साथ ही आराम और हल्की-फुल्की गतिविधि का संतुलन भी जरूरी है। बहुत ज्यादा बिस्तर पर पड़े रहना भी शरीर को सुस्त बना देता है, इसलिए हल्की वॉक, स्ट्रेचिंग या योग करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और दर्द में राहत मिलती है। हालांकि, भारी एक्सरसाइज या ज्यादा थकाने वाला काम करने से बचना चाहिए। अगर मन करता है तो गुनगुने पानी से नहाना या पेट पर गर्म पानी की थैली रखना भी काफी आराम देता है। नींद पूरी लेना भी जरूरी है, क्योंकि नींद की कमी से मूड स्विंग्स और थकान बढ़ सकती है।

पीरियड्स के दौरान साफ-सफाई का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है। समय-समय पर सैनिटरी पैड या साफ कपड़ा बदलना चाहिए, आमतौर पर हर 6 घंटे में। इस्तेमाल किए गए पैड को ठीक से लपेटकर फेंकें और अंडरगारमेंट्स रोज बदलें। अंडरगारमेंट्स को अच्छे से धोकर धूप में सुखाना चाहिए ताकि कीटाणु न पनपें। इस दौरान गंदे या नम कपड़े पहनने से बचें, क्योंकि इससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। हाथों की साफ-सफाई का भी ध्यान रखें और बार-बार हाथ धोते रहें।

मानसिक सेहत का ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी है, जितना शारीरिक सेहत का। पीरियड्स के समय भावनाएं जल्दी आहत हो सकती हैं, गुस्सा या उदासी बिना वजह महसूस हो सकती है। ऐसे में खुद पर ज्यादा सख्त न हों। मनपसंद काम करें, हल्का संगीत सुनें, किताब पढ़ें या किसी अपने से बात करें।

अगर दर्द बहुत ज्यादा हो या पीरियड्स बहुत अनियमित हों, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
 

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