भारत-अमेरिका ट्रेड डील: निर्यातकों के लिए सुनहरे अवसर, टैरिफ 50% से 18%, टेक्सटाइल-लेदर को मिलेगी नई उड़ान

भारत-अमेरिका ट्रेड डील से दोनों देशों के निर्यातकों के लिए बढ़ेंगे अवसर : इंडस्ट्री


नई दिल्ली,7 फरवरी। भारत-अमेरिका ट्रेड डील का अंतरिम ढांचा सामने आ चुका है। इससे दोनों देशों के निर्यातकों को बड़ा बाजार मिलेगा और अवसर बढ़ेंगे। यह जानकारी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की ओर से शनिवार को दी गई।

इस अंतरिम ढांचे के तहत अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। इससे देश के टेक्सटाइल, लेदर और इंजीनियरिंग गुड्स इंडस्ट्री को फायदा होगा।

पीएचडीसीसीआई के अध्यक्ष राजीव जुनेजा ने कहा, "दोतरफा व्यापार को बढ़ावा देने और एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की नींव रखने के लिए चल रही बातचीत में इस ढांचे पर सहमति बनी।"

अंतरिम समझौते की शर्तों के तहत, अमेरिका भारतीय मूल के सामानों पर 18 प्रतिशत की टैरिफ दर लागू करेगा, जिनमें वस्त्र, परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर, जैविक रसायन, घरेलू सजावट का सामान, हस्तशिल्प उत्पाद और कुछ मशीनरी शामिल हैं।

जुनेजा ने कहा कि अंतरिम समझौते के सफल कार्यान्वयन और अंतिम रूप दिए जाने पर, विशिष्ट भारतीय निर्यात श्रेणियों - विशेष रूप से जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे, और विमान के पुर्जे - पर टैरिफ हटाए जाने की संभावना है।

अमेरिका इस्पात, एल्युमीनियम और तांबा संबंधी उपायों के तहत भारतीय विमानों और विमान पुर्जों पर पहले से लागू राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी कुछ शुल्कों को भी हटाएगा।

शुल्क में कमी से भारतीय जेनेरिक दवा निर्माताओं के लिए अमेरिकी बाजार तक पहुंच में सुधार होगा। रत्न और आभूषण क्षेत्र से भारत के कटिंग और पॉलिशिंग उद्योग के निर्यात को समर्थन मिलने की उम्मीद है, जिससे लाभ और निर्यात मात्रा में वृद्धि होगी।

विमान और विमान पुर्जों पर टैरिफ हटाने से भारत के उभरते एयरोस्पेस विनिर्माण, रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) और घटक आपूर्ति तंत्र को लाभ होगा।

पीएचडीसीसीआई ने कहा, "कम पारस्परिक टैरिफ दर लागू होने से अमेरिकी बाजार में भारतीय कपड़ा और परिधान निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी, विशेषकर श्रम-प्रधान क्षेत्रों में।"

व्यापारिक बाधाओं में कमी से औद्योगिक मशीनरी, ऑटो घटकों और धातु उत्पादों के निर्यात को समर्थन मिलेगा, और कार्बनिक रसायन, प्लास्टिक और रबर उत्पादों को बेहतर मूल्य प्रतिस्पर्धा और विस्तारित बाजार पहुंच से लाभ होगा।

बेहतर टैरिफ व्यवस्था और अमेरिकी उपभोक्ता बाजार तक स्थिर पहुंच से हस्तशिल्प उत्पादों, घरेलू सजावट और जीवनशैली से जुड़ी वस्तुओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।

पीएचडीसीसीआई के सीईओ और महासचिव डॉ. रंजीत मेहता ने कहा, "यह अंतरिम टैरिफ समझौता अमेरिका-भारत व्यापार संबंधों में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे दोनों देशों के निर्यातकों के लिए बाजार पहुंच का विस्तार होने की संभावना है और एक स्थिर एवं व्यापक व्यापार ढांचा उपलब्ध होगा।"
 

Similar threads

Latest Replies

Forum statistics

Threads
4,700
Messages
4,732
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top