रोज डे स्पेशल: गुलाब सिर्फ प्यार का इजहार नहीं, पेट से तनाव तक सेहत का भी है वरदान

रोज डे : महज प्रेम की अभिव्यक्ति नहीं, सेहत के लिए भी वरदान है गुलाब


नई दिल्ली, 7 फरवरी। वैलेंटाइन वीक की शुरुआत रोज डे के साथ हो चुकी है। गुलाब के फूल केवल प्रेम का विषय नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं। आयुर्वेद में गुलाब को ठंडी तासीर वाला माना जाता है, जो शरीर की गर्मी को कम करता है और कई शारीरिक-मानसिक समस्याओं में राहत देता है।

खासकर गुलकंद, जो गुलाब की पंखुड़ियों से बनता है, पेट की समस्याओं से लेकर तनाव तक दूर करने में कारगर है। गुलाब की पंखुड़ियां और गुलकंद पाचन तंत्र के लिए बहुत अच्छे हैं। इनमें लैक्सेटिव गुण होते हैं, जो कब्ज की समस्या को आसानी से दूर करते हैं। गुलकंद पेट की बढ़ी हुई गर्मी यानी जठराग्नि को शांत करता है, एसिडिटी और अल्सर के दर्द में राहत देता है। नियमित रूप से गुलकंद खाने से पित्त दोष संतुलित रहता है।

यही नहीं गर्मियों में होने वाली नकसीर, जलन, थकान और पेट की गर्मी जैसी परेशानियां भी कम हो जाती हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कब्ज, एसिडिटी और पेट की जलन आम हो गई है। ऐसे में हर रोज एक-दो चम्मच गुलकंद का सेवन बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।

त्वचा की देखभाल में भी गुलाब कमाल करता है। देसी गुलाब की पंखुड़ियों को पीसकर चुटकी भर कच्ची हल्दी और थोड़ा दूध मिलाकर फेस पैक बनाया जा सकता है। इसे चेहरे पर लगाने से दाग-धब्बे, मुंहासे और एलर्जी कम होती है, साथ ही चेहरा चमकदार बनता है। गुलाब का तेल माइग्रेन जैसे तेज सिरदर्द में भी उपयोगी है। सिर दर्द होने पर गर्म पानी में गुलाब के तेल की 4-5 बूंदें डालकर भाप लेने से दर्द में राहत मिलती है और तनाव भी कम होता है।

गुलाब के सात्विक गुण मन को शांत रखते हैं। यह चिंता, तनाव और अनिद्रा जैसी समस्याओं में मदद करता है। आयुर्वेद में गुलाब को हृदय और मन दोनों का पोषण करने वाला माना जाता है।

महिलाओं के लिए गुलकंद खास तौर पर फायदेमंद है। यह पीरियड्स की अनियमितता, ज्यादा रक्तस्राव और पित्त से जुड़ी परेशानियों को कम करता है। गर्भवती महिलाओं में पेट की जलन और गर्मी को भी शांत करता है। मुंह के छाले ठीक करने में भी गुलकंद प्रभावी है।
 

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