पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर समर्थकों का फूटा गुस्सा: 'जब भी जनता के मुद्दे उठाते हैं, हमेशा ऐसा ही होता है'

'जब भी वे जनता के मुद्दे को उठाते हैं, ऐसा ही होता है': पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर बोले समर्थक


नई दिल्ली, 7 फरवरी। बिहार के पूर्णिया लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद शनिवार को उनके समर्थकों ने कड़ी प्रतिक्रियाएं दी। बिहार पुलिस के इस कार्रवाई को उनके समर्थकों ने राजनीतिक बदले की भावना बताते हुए गिरफ्तारी के समय और तरीके पर सवाल उठाए।

गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव के समर्थक नीतीश सिंह ने कहा कि जब भी वे बिहार से जुड़े मुद्दे उठाते हैं, तो उन्हें निशाना बनाया जाता है।

नीतीश सिंह ने आईएएनएस से कहा, "जब भी पप्पू यादव बिहार, शिक्षा, बेरोजगारी, या न्याय के बारे में बात करते हैं, तो उनके साथ ऐसा ही होता है। जब उन्होंने संसद में नीट अभयर्थि की मौत के मुद्दे को बार-बार उठाया, तो सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई की। ऐसा पहले भी हो चुका है।"

पप्पू यादव की सेहत पर चिंता जताते हुए उन्होंने आगे कहा, "डॉक्टर कह रहे हैं कि इस समय उनकी हालत स्थिर नहीं है। करीब 8-10 डॉक्टर अभी उनका इलाज कर रहे हैं।"

समर्थक गौतम आनंद ने गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल उठाया, खासकर जब संसद सत्र चल रहा है। उन्होंने कहा कि संसद का सत्र अभी चल रहा है और फिर भी एक मौजूदा सांसद को आधी रात को जबरन गिरफ्तार कर लिया गया है। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है और कानूनी तौर पर सवाल उठाने लायक है।

सुजीत यादव ने कहा कि पप्पू यादव हमेशा छात्रों और गरीबों के लिए खड़े रहे हैं। असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए उन्हें जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।

नवल किशोर यादव ने राज्य में लोकतांत्रिक मूल्यों के टूटने का दावा किया। उन्होंने कहा कि बिहार में लोकतंत्र पूरी तरह से खत्म हो गया है। यहां गुंडाराज है। आज हमारा दिल टूट गया है।

इस बीच, पुलिस अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तारी पूरी तरह से कानून के मुताबिक की गई है। एसपी सिटी भानु प्रताप सिंह ने कहा कि गिरफ्तारी 1995 के एक मामले के सिलसिले में घर से की गई है, जिसमें एक कोर्ट ने संपत्ति अटैच करने का आदेश दिया था। उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लाया गया है।

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन, जिन्हें पप्पू यादव के नाम से जाना जाता है, को शुक्रवार देर रात उनके घर से हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई सुनवाई प्रक्रिया के दौरान बार-बार गैरमौजूद रहने के कारण कोर्ट द्वारा जारी संपत्ति अटैचमेंट वारंट के बाद की गई।

यह मामला 1995 में गर्दनीबाग पुलिस स्टेशन में दर्ज धोखाधड़ी विवाद से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, घर के मालिक ने आरोप लगाया कि सांसद ने धोखे से उनकी संपत्ति अपने ऑफिस चलाने के लिए ले ली थी। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने दावा किया कि उनका घर धोखे से किराए पर लिया गया और बाद में उसे सांसद के ऑफिस के तौर पर इस्तेमाल किया गया, एक ऐसा तथ्य जिसे उन्होंने आरोप लगाया कि समझौते के समय छिपाया गया था।
 

Similar threads

Latest Replies

Forum statistics

Threads
4,629
Messages
4,661
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top