वाशिंगटन, 7 फरवरी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीति के तहत भारत का बड़ा बाजार अमेरिकी उत्पादों के लिए खुल रहा है। अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि भारत अमेरिका के औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर शुल्क (टैरिफ) कम कर रहा है, जिससे अमेरिकी कंपनियों और किसानों को फायदा होगा।
यह बयान शुक्रवार को तब आया, जब व्हाइट हाउस ने अमेरिका और भारत के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे की घोषणा की। इस समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच बराबरी और आपसी फायदे पर आधारित व्यापार को आगे बढ़ाना है।
ग्रीर ने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप की पहल से दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक, यानी भारत, अमेरिकी कामगारों और उत्पादकों के लिए और ज्यादा खुल रहा है। इससे अमेरिका के सभी औद्योगिक उत्पादों और कई कृषि उत्पादों पर शुल्क घटेगा। आज की घोषणा अमेरिका और भारत के बीच गहरे होते संबंधों को दिखाती है, क्योंकि हम दोनों देशों में किसानों और बिजनेसमैन के लिए नए मौके बना रहे हैं।"
ग्रीर ने भारत के वाणिज्य मंत्रालय और विशेष रूप से वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की भूमिका की सराहना की और कहा कि उनके सहयोग से निष्पक्ष और संतुलित व्यापार की दिशा में बातचीत आगे बढ़ी।
इस फ्रेमवर्क में यह भी कहा गया है कि दोनों देश भविष्य में एक व्यापक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत जारी रखेंगे। इस बातचीत की शुरुआत 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। अंतरिम समझौते का उद्देश्य जल्दी और ठोस नतीजे देना है, साथ ही आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना भी है।
इस फ्रेमवर्क के तहत, भारत सभी अमेरिकी इंडस्ट्रियल सामानों पर टैरिफ खत्म करेगा या कम करेगा। यह अमेरिकी खाने-पीने की चीजों और एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स की एक बड़ी रेंज पर भी ड्यूटी कम करेगा। वहीं, अमेरिका बड़े और लगातार अमेरिकी सामानों के ट्रेड घाटे को दूर करने के मकसद से एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के तहत भारतीय सामानों पर 18 प्रतिशत की आपसी टैरिफ दर लगाएगा। इस टैरिफ में टेक्सटाइल और कपड़े, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर, ऑर्गेनिक केमिकल, घर की सजावट का सामान, हस्तशिल्प उत्पाद, और कुछ मशीनरी जैसे प्रोडक्ट्स शामिल होंगे।
अगर अंतरिम समझौता पूरी तरह लागू हो जाता है, तो अमेरिका कुछ भारतीय उत्पादों जैसे सस्ती दवाएं, रत्न और हीरे तथा विमान के पुर्जों पर लगाया गया शुल्क हटा सकता है। दोनों देशों ने कहा है कि वे इस ढांचे को जल्दी लागू करने की दिशा में काम करेंगे और आगे चलकर एक पूर्ण और आपसी लाभ वाला द्विपक्षीय व्यापार समझौता करेंगे।