अहमदाबाद, 6 फरवरी। अहमदाबाद के नगर प्राथमिक शिक्षा समिति के अंतर्गत संचालित 453 नगरपालिका विद्यालयों में वर्तमान में 1,72,576 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन विद्यार्थियों को 4,586 शिक्षक गुजराती, हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू माध्यम में शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।
नगरपालिका विद्यालयों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों का नियमित संचालन किया जा रहा है। विद्यार्थियों को भाषा दक्षता, स्टेम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित), गणित-विज्ञान प्रदर्शनी, कला-संगीत, चित्र एवं साहित्य, वक्तृत्व कला और खेलकूद जैसे विविध क्षेत्रों में सक्रिय सहभागिता के अवसर दिए जा रहे हैं।
नगर आयुक्त बंचानिधि पाणी के मार्गदर्शन और प्रेरणा से गुजराती माध्यम के 297 तथा अंग्रेजी माध्यम के 56, कुल 353 नगरपालिका विद्यालयों में विद्यार्थियों को अंग्रेजी भाषा में दक्ष और आत्मविश्वासी बनाने के उद्देश्य से इंग्लिश गुरुकुल संस्था के सहयोग से ऑनलाइन एप्लिकेशन के माध्यम से अंग्रेजी शिक्षण कराया जा रहा है। इस परियोजना की शुरुआत 5 गुजराती माध्यम और 5 अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई थी। पायलट प्रोजेक्ट के सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद आयुक्त के निर्देश पर इसे सभी गुजराती और अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में लागू किया गया।
नगर आयुक्त के मुताबिक, स्कूल बोर्ड के सभी विद्यार्थियों का बिना किसी संकोच के अंतरराष्ट्रीय भाषा अंग्रेजी में संवाद करने में सक्षम होना आवश्यक है। यह परियोजना टीचर एप्लिकेशन और स्टूडेंट एप्लिकेशन—दो भागों में संचालित की जा रही है। विद्यालय स्तर पर प्रत्येक सप्ताह अंग्रेजी भाषा के लिए एक पीरियड निर्धारित किया गया है। वर्तमान में लगभग 1,12,000 विद्यार्थी इंग्लिश गुरुकुल संस्था के माध्यम से अंग्रेजी सीख रहे हैं। विद्यार्थियों में कहानी-आधारित वीडियो के जरिए अंग्रेजी पढ़ने, लिखने और संवाद कौशल का विकास किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि इंग्लिश गुरुकुल संस्था द्वारा कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और अहमदाबाद नगर निगम के विद्यालयों के अध्ययन के बाद प्रस्तुत रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल बोर्ड द्वारा नगरपालिका विद्यालयों के बुनियादी ढांचे का अधिकतम उपयोग किया जा रहा है। दो पालियों में विद्यालय संचालन से सरकारी सुविधाओं का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित हो रहा है।
संस्था के सर्वे के अनुसार 85 प्रतिशत विद्यार्थियों और अभिभावकों ने विद्यालयों की स्वच्छता और शिक्षण वातावरण पर संतोष व्यक्त किया है। अहमदाबाद नगर निगम के सहयोग से संचालित ‘फ्यूचर क्लास’ के माध्यम से 92 प्रतिशत विद्यार्थी डिजिटल प्रेजेंटेशन तैयार करने में सक्षम पाए गए हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत 65 प्रतिशत है।
जी-शाला एप के डेटा-आधारित विश्लेषण से विद्यार्थियों के समग्र शैक्षणिक प्रदर्शन में 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, राज्य सरकार के गुणोत्सव 2.0 कार्यक्रम के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में सी-ग्रेड और डी-ग्रेड विद्यालयों की संख्या नगण्य रह गई है। नियमित मॉनिटरिंग के चलते विद्यार्थियों की उपस्थिति में 10 प्रतिशत और शिक्षण गुणवत्ता में 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि अन्य राज्यों में इस तरह की मॉनिटरिंग व्यवस्था का अभाव देखा गया है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 80 प्रतिशत विद्यार्थी नियमित रूप से रोबोटिक्स लैब का उपयोग कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की भागीदारी में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह क्रियात्मक शिक्षण पद्धति की सफलता को दर्शाता है।
अंततः, बेंगलुरु स्थित संस्था द्वारा चार राज्यों के विद्यालयों के अध्ययन के बाद प्रस्तुत रिपोर्ट में अहमदाबाद नगर निगम स्कूल बोर्ड द्वारा संचालित विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को आधारभूत संरचना, तकनीक-समर्थित, गुणवत्तापूर्ण और राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के लक्ष्यों के अनुरूप बताया गया है। रिपोर्ट में अहमदाबाद नगर निगम और स्कूल बोर्ड द्वारा गरीब और मध्यमवर्गीय विद्यार्थियों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई है। वर्तमान में लगभग 1,72,000 विद्यार्थी इन पहलों का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त कर रहे हैं।