'ओ रोमियो' पर कानूनी तलवार! हुसैन उस्तारा की बेटी बोलीं- शाहिद कपूर ने मेरे पिता को गलत रूप में दिखाया

शाहिद कपूर की फिल्म पर कानूनी तलवार, हुसैन उस्तारा की बेटी बोलीं, 'पिता की छवि को किया गया धूमिल'


मुंबई, 6 फरवरी। शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की फिल्म 'ओ रोमियो' रिलीज पर पहले ही खतरे की तलवार पर लटकी है। दरअसल, हुसैन उस्तारा की बेटी सनोबर शेख ने शाहिद कपूर की फिल्म 'ओ रोमियो' को रिलीज होने से रोकने के लिए अदालत में याचिका दायर की है।

हुसैन की बेटी सनोबर शेख ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि फिल्म ओ रोमियो में शाहिद ने उनके पिता से प्रेरित किरदार निभाया है, लेकिन इसे उन्होंने पूरी गलत तरीके से दिखाया है। उन्होंने कहा, "फिल्म में मेरे पिता का किरदार आक्रामक, हिंसक और गलत व्यवहार वाला दिखाया गया है, जबकि मेरे पिता ऐसे नहीं थे। वे एक नेक इंसान थे, जो लोगों की मदद करते थे, पुलिस को क्राइम रोकने में सहयोग करते थे, और गैंगस्टरों को खत्म करने के लिए इस फील्ड में आए थे।"

सनोबर ने यह भी बताया कि उनके पिता को बुलेटप्रूफ जैकेट और लाइसेंस हथियार दिए गए थे और उनके पास इसके सबूत हैं।

उन्होंने बताया कि उन्हें फिल्म के बारे में कुछ महीने पहले पता चला था, जब उन्होंने शाहिद कपूर की एक तस्वीर देखी थी और साथ ही उन्हें इस किरदार के बारे में बताया गया था। जब मुझे किरदार के बारे में पता चला तो मुझे शक हुआ कि यह मेरे बाबा की कहानी है।

अभी हाल ही में फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ, जिसको लेकर सनोबर का कहना है कि इसमें लगभग सारे सीन गलत तरीके से पेश किए गए हैं, जिनमें कार, वायलेंस और बातचीत करने के तरीके शामिल हैं। वहीं, इसमें लड़की से गंदे तरीके से बात करना दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि अगर ये रोल मेरे पिता का है तो लोग मुझ पर ऊंगली उठाएंगे।

सनोबर से जब आईएएनएस ने पूछा कि अब आप क्या चाहती हैं तो उन्होंने कहा, "मैंने उनसे कहा था कि मुझे फिल्म दिखाई जाए और उसमें जो गलत चीजें हैं उन्हें हटा दिया जाए। अगर आप मेरे पिता के बारे में सच्चाई नहीं बताना चाहते तो आप उन्हें सही बताएं, वरना नाम इस्तेमाल न करें, क्योंकि अगर आप नाम नहीं इस्तेमाल करेंगे और कहानी को सिर्फ फिक्शन की तरह दिखाएंगे तो लोग सोचेंगे कि यह कहानी मेरे पिता की ही है।"

उन्होंने आगे कहा, "असल में जो कहानी फिल्म में दिखाई जा रही है, वह बिल्कुल अलग है। मेरे पिता एक फिल्म प्रोड्यूसर थे। उन्होंने मुझे बताया कि हुसैन, उस्मा और सपना देवी की कहानी थी, और मेरे पिता ने हुसैन को अपनी बहन की तरह पाला, लेकिन फिल्म में हुसैन को मेरे पिता की गर्लफ्रेंड दिखाया गया है। आप समझ सकते हैं कि यह कहानी असली नहीं है।"

फिल्म हुसैन जैदी की किताब 'माफिया क्वींस ऑफ मुंबई' पर आधारित है। सनोबर का कहना है कि फिल्म में उनके पिता की कहानी को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। उन्होंने कहा, "पिताजी को गुजरते हुए 28 साल हो गए, लेकिन अब उनकी इमेज पर यह सब देखकर परिवार को बहुत दुख हो रहा है। समाज में रहते हुए हमें सवालों का सामना करना पड़ता है। बच्चे पूछते हैं कि ऐसा क्यों हो रहा है। मनोरंजन के नाम पर किसी की छवि खराब नहीं की जा सकती।"

हुसैन उस्तारा के बारे में सनोबर ने कहा कि वे बहुत नेक इंसान थे। हाल ही में प्रतीक सरन जैसे लोगों ने उनकी तारीफ की है कि उन्होंने पुलिस की मदद की और क्राइम कम करने में योगदान दिया। सनोबर का कहना है कि आक्रामक होना हिंसक होना नहीं है। फिल्म में उनके पिता को गलत तरीके से अग्रेसिव दिखाया गया है, जो सच नहीं है।
 

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