अमित शाह ने BSF की शौर्य गाथा गाई: देश की सुरक्षा में लहराया कर्तव्य का परचम, जवानों को दी करोड़ों की सौगातें

देश की सुरक्षा के लिए बीएसएफ जहां भी गया, कर्तव्य के जज्बे का परचम लहराया: अमित शाह


जम्मू, 6 फरवरी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को अपने जम्मू दौरे पर भारत-पाकिस्तान की सीमा पर स्थित बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपी) ‘गुरनाम’ और 'बोबिया' का दौरा किया। उन्होंने ‘अजेय प्रहरी’ स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और बीओपी ‘बोबिया’ परिसर में पौधारोपण भी किया।

अमित शाह ने प्रहरियों के कल्याण के लिए 7 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें नवनिर्मित सोलर वॉटर हीटर, सोलर पावर प्लांट और ऑफिसर्स मेस शामिल हैं। उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 242 करोड़ रुपए की बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (आईबी) के निदेशक और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा सुरक्षा बल के जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि वे जब भी कच्छ, राजस्थान या जम्मू-कश्मीर के दुर्गम स्थानों पर स्थित बीएसएफ की किसी भी चौकी पर जाते हैं वहां पर तैनात बीएसएफ जवानों से हमेशा कर्तव्यबोध और कर्तव्य-निर्वहन के गुण सीखकर लौटते हैं। शाह ने कहा कि इन दुर्गम चौकियों के दौरे के समय वे यह देखते हैं कि कैसे सीमा पर तैनात बीएसएफ जवान गहरी लगन के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं। उन्होंने कहा कि बीएसएफ के जवान कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण का सर्वोत्तम उदाहरण हैं जो दिन-रात सीमा पर अडिग खड़े रहते हैं। उन्होंने कहा कि बीएसएफ जवानों के 60 वर्षों के इस पराक्रमपूर्ण इतिहास ने देश की जनता के मन में भी यही भावना पैदा की है।

उन्होंने कहा कि जब-जब देश की सीमाओं पर अतिक्रमण या घुसपैठ का खतरा मंडराया, बीएसएफ हमेशा एक अभेद्य दीवार की तरह डटा रहा, अडिग रहा और देश को सुरक्षित रखने का दृढ़ संकल्प निभाता रहा है। गृह मंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में बीएसएफ के शौर्य और वीरता ने हमारे छह दशक के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ा है। उस कठिन घड़ी में भी बीएसएफ के जवानों ने 'हम सीमा के प्रहरी हैं' के भाव को हमेशा बुलंद रखा। उन्होंने कहा कि बीएसएफ के जम्मू-कश्मीर फ्रंटियर ने 118 पाकिस्तानी पोस्टों और तीन आतंकी लॉन्च पैड को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज अहमद और सिपाही दीपक चिंखाम को वीर चक्र से सम्मानित किया गया। यह हमारे लिए अत्यंत गर्व का विषय है। शाह ने कहा कि इसी दौरान बीएसएफ को 16 वीरता पदक और अनेक प्रशस्ति पत्र भी प्राप्त हुए।

अमित शाह ने सीमा सुरक्षा बल के जवानों से कहा कि वे चाहे सीमा पर तैनात हों, मणिपुर के दुर्गम क्षेत्र में या फिर ओडिशा और छत्तीसगढ़ के माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हों, बीएसएफ ने हर जगह अपनी वीरता का परचम लहराया है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय, खासकर पंजाब में, बीएसएफ ने मानवता और जनता के प्रति गहरी संवेदना का अद्भुत प्रदर्शन किया। गृह मंत्री ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि यदि बीएसएफ नहीं होती तो बाढ़ के दौरान मुश्किलें कई गुना बढ़ जातीं। बीएसएफ ने संकट की घड़ी में पंजाब के नागरिकों की बहुत बड़ी सेवा की और उन्हें भरपूर मदद प्रदान की।

अमित शाह ने कहा कि हमारा साझा दायित्व है कि देश की सीमाओं को पूरी तरह चाक-चौबंद और सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने कहा कि 60 साल पहले की सीमा-संबंधी चुनौतियां आज पूरी तरह बदल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जवानों का शौर्य, तत्परता और ड्यूटी के प्रति अटूट लगन अत्यंत आवश्यक है, लेकिन अब चुनौतियां मुख्यतः तकनीकी रूप से उत्पन्न हो रही हैं। इसलिए इनका सामना करने के लिए हमें उन्नत तकनीकी समाधान भी खोजना और अपनाना होगा।

बीएसएफ के स्थापना दिवस कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि बीएसएफ का 61वां वर्ष बल के आधुनिकीकरण का वर्ष होगा। साथ ही यह बीएसएफ जवानों और उनके परिजनों के कल्याण का वर्ष भी होगा। शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय में एक समर्पित टीम दोनों पर लगातार काम कर रही है।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार सुरक्षा कर्मियों के कल्याण के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बीएसएफ जवानों के कल्याण के लिए हम बहुत जल्द एक विशेष योजना लेकर आ रहे हैं। साथ ही, पूरी सीमा सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी तौर पर आधुनिक बनाने के लिए भारत सरकार एक बड़ी राशि खर्च करेगी। यह आधुनिकीकरण बीएसएफ जवानों के लिए बेहतर बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर और उन्नत उपकरणों के रूप में उपलब्ध होगा, जो ड्यूटी निभाने में सहायक सिद्ध होगा।

उन्होंने कहा कि ये सुविधाएं जवानों की कठिनाइयों को काफी हद तक कम करेंगी और उन्हें अपने कर्तव्य का और भी प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में सक्षम बनाएंगी। गृह मंत्री ने कहा कि सीमा पर तैनात बीएसएफ जवानों के अटूट कर्तव्यबोध, समर्पण और लगन के कारण ही पूरा देश चैन की नींद सो पाता है और सुरक्षित महसूस करता है। गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा में बीएसएफ की महिला कर्मियों के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की और जवानों के साथ दोपहर का भोजन भी किभी किया।
 

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