नई दिल्ली, 6 फरवरी। केंद्रीय खाद्य, सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने शुक्रवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार द्वारा चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के बजाय मतपत्रों का विकल्प चुनने की आलोचना की।
उन्होंने सरकार के इस कदम को आधुनिकता और टेक्नोलॉजी के खिलाफ बताया।
दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए जोशी ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा स्थानीय निकाय और ग्राम पंचायत चुनावों में भी मतपत्रों का उपयोग करने का निर्णय प्रगति विरोधी रवैये को दर्शाता है।
उन्होंने इस कदम की निंदा करते हुए कहा कि जहां पूरा देश आधुनिक प्रौद्योगिकी और विकास की ओर बढ़ रहा है, वहीं यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य सरकार मतपत्र आधारित चुनावों की ओर लौटकर आधुनिक प्रथाओं के खिलाफ काम करना चुन रही है।
उन्होंने बताया कि देशभर में ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) की शुरुआत से चुनावी धांधली पर रोक लगाने में मदद मिली है। इसके बावजूद, उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार केवल अपने पार्टी हाई कमांड को खुश करने के लिए ऐसे प्रतिगामी कदम उठा रही है।
दरअसल, कर्नाटक सरकार ने राज्य में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में ईवीएम के बजाय मतपत्रों का उपयोग करने के लिए संशोधन लाने का निर्णय लिया है।
कानून मंत्री एचके पाटिल ने कहा था, "सरकार ने आगामी सभी स्थानीय निकाय चुनावों को ईवीएम प्रणाली के बजाय मतपत्रों के माध्यम से कराने के लिए आवश्यक कानूनी संशोधनों और नियमों के निर्माण की सिफारिश करने का संकल्प लिया है। पहले विधानसभा चुनावों के आंकड़ों का उपयोग किया जा रहा था। अब, मतदाता सूची के संशोधन, सुधार और पुनर्गठन की सिफारिश करने का निर्णय लिया गया है, ताकि राज्य चुनाव आयोग एक उच्च गुणवत्ता वाली मतदाता सूची तैयार कर सके।"
पाटिल ने कहा कि हाल ही में कर्नाटक में लोगों ने मतदाता सूची तैयार करने में कई अनियमितताएं देखी हैं और बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त हुई हैं। आरोप लगाए गए हैं कि कई ऐसे मतदाताओं को शामिल किया गया है, जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं है, और इस पर महीनों से चर्चा चल रही है।
इस बीच, उन्होंने कहा कि ईवीएम पर लोगों का भरोसा आम तौर पर घट रहा है। विश्वसनीयता की कमी, जनभावना और राय को ध्यान में रखते हुए, मंत्रिमंडल ने इस संदर्भ में ईवीएम के बजाय मतपत्रों के माध्यम से चुनाव कराने का निर्णय लिया है।
भाजपा ने कर्नाटक सरकार के उस फैसले की आलोचना की है, जिसमें राज्य में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में ईवीएम के बजाय मतपत्रों का उपयोग करने के लिए संशोधन लाने का निर्णय लिया गया है।