नई दिल्ली, 6 फरवरी। भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उस टिप्पणी की निंदा की, जिसमें उन्होंने रवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार दोस्त’ बताया था।
बाबू निषाद ने राहुल गांधी के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस सिख समुदाय से घृणा करती है। कई मौकों पर कांग्रेस के मन में सिख समुदाय को लेकर व्याप्त नफरत सामने आ चुकी है। रवनीत सिंह बिट्टू के संदर्भ में दिया गया उनका यह बयान निंदनीय है। इस तरह की टिप्पणी को एक सभ्य समाज में किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। इस तरह का बयान किसी भी समुदाय के लोगों के लिए गलत है।
भाजपा नेता डॉ. के. लक्ष्मण ने भी राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आज से नहीं, बल्कि लंबे समय से सिख समुदाय से नफरत करती आ रही है। सिख विरोधी दंगा भी इसी नफरत का नतीजा है। राहुल गांधी ने जिस तरह से रवनीत सिंह बिट्टू के बारे में कहा, वो सरासर गलत है। एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में कोई भी इस तरह के बयान को स्वीकार नहीं कर सकता है।
उन्होंने दावा किया कि सभी लोगों को यह साफ पता चल रहा है कि कांग्रेस पार्टी सिख समुदाय के लोगों से कितना नफरत करती है। इन लोगों को सिख समुदाय के हितों से कोई लेना-देना नहीं है। ये लोग हमेशा से ही हर समुदाय के लोगों को अपने राजनीतिक हित के लिए इस्तेमाल करते हुए आए हैं, जिसे अब एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा, क्योंकि आज की तारीख में हमारे समाज के लोग जागरूक हो चुके हैं।
साथ ही, भाजपा नेता बृजलाल ने संसद सत्र को बाधित किए जाने की भी आलोचना की और इसे कांग्रेस की साजिश का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि पूरा देश देख रहा है कि किस तरह से कांग्रेस पार्टी लोकसभा के सत्र को बाधित करने की कोशिश कर रही है, ताकि जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर सार्थक चर्चा न हो सके। हालांकि, मैं राज्यसभा का सदस्य हूं और राज्यसभा का सत्र अच्छे से चला, जिसमें कई मुद्दों को लेकर खुलकर चर्चा हुई है। जिस तरह से इंडिया महागठबंधन के साजिश के नतीजे में लोकसभा के सत्र को बाधित किया जा रहा है, उसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। कांग्रेस को यह समझना होगा कि इन लोगों को किसी भी हाल में माफी नहीं मिलेगी।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने जिस तरह से अपनी महिला सांसदों को आगे करके पूरी कार्यवाही को बाधित करने की कोशिश की, उसे पूरे देश ने देखा और इस तरह की स्थिति बिल्कुल भी उचित नहीं है। कांग्रेस को अपने किए को लेकर माफी मांगनी चाहिए, नहीं तो इन लोगों को अपने किए की माफी मांगनी होगी।
साथ ही, उन्होंने ‘घूसखोर पंडत’ फिल्म पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि फिल्म का नाम इस तरह से रखे जाने से समाज में जातिवाद फैलेगा। मैं मांग करता हूं कि फिल्म का नाम इस तरह से रखे जाने पर रोक लगाई जाए।
वहीं, केंद्र राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से रवनीत सिंह बिट्टू के संदर्भ में दिए बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ रवनीत सिंह बिट्टू का अपमान नहीं है, बल्कि पूरे सिख समुदाय के लोगों का अपमान है। राहुल गांधी के इस बयान के माध्यम से कांग्रेस पार्टी के मन में सिख समुदाय को लेकर व्याप्त गुस्सा सामने आ चुका है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के इस बयान से यह साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस पार्टी के मन में सिख समुदाय को लेकर कितनी नफरत है। राहुल गांधी वैसे भी अपने अशोभनीय बयानों के लिए जाने जाते हैं।