लापता नेवी ऑफिसर सार्थक: मां का दावा- तनाव में नहीं, खुश था बेटा; मॉरीशस समुद्र में रहस्य गहराया

भुवनेश्वर: लापता मर्चेंट नेवी ऑफिसर की मां बोलीं- एक दिन पहले हुए बात में वह खुश लग रहा था, तनावग्रस्‍त नहीं था


भुवनेश्वर, 6 फरवरी। ओडिशा के एक मर्चेंट नेवी ऑफिसर मॉरीशस के पास समुद्र में तैनात एक जहाज से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए हैं, जिससे उनके परिवार और दोस्तों में गहरी चिंता है। लापता अधिकारी की पहचान सार्थक महापात्रा के रूप में हुई है। परिवार ने इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है, ताकि उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सके और सच्चाई सामने आ सके।

सार्थक की मां ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि 2 फरवरी की शाम करीब 7.30 बजे उन्हें एक फोन आया था। उन्होंने बताया कि जहाज के कैप्टन देवाशीष पटनायक खुद उनके घर आए थे और अगले दिन उन्हें जानकारी दी कि सार्थक लापता हो गया है। मां के अनुसार, अधिकारी ने बताया कि सार्थक सुबह 6.10 बजे अपने रूम में गया था और जब सुबह 8 बजे ब्रेकफास्ट के लिए बुलाया गया तो वह वहां मौजूद नहीं था। हालांकि, उन्होंने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि आमतौर पर मर्चेंट नेवी में ब्रेकफास्ट रूम में नहीं किया जाता और अगर कोई बीमार होता है तो उसके कमरे में ही खाना पहुंचाया जाता है।

उन्होंने यह भी बताया कि 2 फरवरी की रात सार्थक ने अपने परिजनों से बातचीत की थी और वह पूरी तरह सामान्य और खुश नजर आ रहा था। बातचीत के दौरान कहीं से भी वह तनावग्रस्त नहीं दिखा। उनके बचपन के दोस्त अक्सर वीडियो कॉल पर उससे जुड़ते थे और सभी को एक साथ देखकर वह काफी खुश हो जाता था।

लापता नेवी ऑफिसर के दोस्त शाश्वत महालिक ने भी इस मामले में शिप कंपनी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि अब तक जो जानकारी दी गई है, वह सिर्फ “मिसिंग” होने तक सीमित है। उन्होंने बताया कि परिवार और दोस्त शिप कंपनी से विस्तृत जानकारी लेना चाहते हैं, लेकिन कंपनी सहयोग नहीं कर रही है। शाश्वत के अनुसार, कंपनी का बयान बार-बार बदल रहा है, जिससे संदेह और गहरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि परिवार प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और विदेश मंत्रालय के संपर्क में है और लगातार इस मामले में स्पष्ट जानकारी देने के लिए दबाव बना रहा है।

शाश्वत महालिक ने यह भी बताया कि स्थानीय सांसद ने इस पूरे मामले में काफी सहयोग किया है और उन्होंने विदेश मंत्रालय को इस घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय से भी परिवार को फोन आया था, जिससे उन्हें कुछ उम्मीद बंधी है।

उन्होंने बताया कि सार्थक को एंग्लो ईस्टर्न कंपनी ने रिक्रूट किया था और इसी कंपनी का पहला आधिकारिक पत्र 3 फरवरी को परिवार को मिला था। परिवार लगातार कंपनी से सीसीटीवी और वीडीआर रिकॉर्ड का डाटा मांग रहा है, लेकिन कंपनी का कहना है कि यह डाटा तब तक रिट्रीव नहीं किया जा सकता जब तक जहाज डॉक पर नहीं पहुंचता। शाश्वत ने कहा कि इन तमाम बातों को देखकर कई तरह के सवाल और संदेह पैदा होते हैं।

उन्होंने आगे बताया कि बुधवार रात एक ईमेल के जरिए जानकारी दी गई कि सार्थक को अपने रूम से बाहर जाते हुए कैमरे में देखा गया है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि उसके साथ आगे क्या हुआ। परिवार और दोस्त अब भी उसकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं और सरकार से मांग कर रहे हैं कि इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके और सार्थक का पता लगाया जा सके।

दरअसल, 23 वर्षीय सार्थक महापात्रा ओडिशा के भद्रक जिले का रहने वाला है और मर्चेंट नेवी में डेक कैडेट के तौर पर काम कर रहा था। वह 'ईए जर्सी' नामक जहाज पर तैनात था, जिसे एंग्लो-ईस्टर्न शिप मैनेजमेंट कंपनी संचालित करती है। बताया जा रहा है कि जहाज जब समुद्र में था, उसी दौरान सार्थक लापता हो गया। यह जहाज मॉरीशस से सिंगापुर की ओर जा रहा था।

परिवार के अनुसार, सार्थक 14 जुलाई 2025 को इस जहाज पर डेक कैडेट के रूप में शामिल हुआ था। 3 फरवरी 2026 को कंपनी की ओर से परिवार को सूचना दी गई कि सार्थक जहाज पर मौजूद नहीं है और उसकी तलाश की जा रही है।
 

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