ढाका, 6 फरवरी। बांग्लादेश में 9वें राष्ट्रीय वेतनमान को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर शुक्रवार को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए गए। स्थानीय मीडिया के अनुसार, प्रदर्शनकारी मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के आधिकारिक आवास ‘जमुना’ के पास एकत्र हुए, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों ने जमुना के आसपास बैरिकेडिंग की। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन और साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते रहे। यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश (यूएनबी) ने यह जानकारी दी।
एक महिला प्रदर्शनकारी ने बताया कि वे सिर्फ वेतनमान संशोधन की मांग उठाने के लिए वहां एकत्र हुए थे और उनका कोई अन्य उद्देश्य नहीं था। वहीं, पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि वह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है और मौजूदा वेतन से परिवार का पालन-पोषण करना उसके लिए मुश्किल हो गया है।
इससे पहले दिन में करीब 10:30 बजे (स्थानीय समय) प्रदर्शनकारी शाहबाग में एकत्र हुए थे। इसके बाद उन्होंने जमुना की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें बार-बार आगे बढ़ने से रोक दिया।
गौरतलब है कि दिसंबर महीने में भी बांग्लादेश सचिवालय में काम करने वाले विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के अधिकारी व कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर वित्तीय सलाहकार सालेहुद्दीन अहमद को उनके कार्यालय में घेर लिया था। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्मचारियों ने लंबे समय से विभिन्न भत्तों की मांग कर रहे थे।
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारियों का एक समूह भवन की चौथी मंजिल पर स्थित वित्तीय सलाहकार के कार्यालय के सामने जमा हो गया था। बांग्लादेश सचिवालय अधिकारी और कर्मचारी संयुक्त परिषद के एक गुट के अध्यक्ष बदिउल कबीर के नेतृत्व में कर्मचारियों ने वित्त मंत्रालय में स्थित कार्यालय के भीतर सालेहुद्दीन अहमद को घेर लिया।
ढाका ट्रिब्यून से बातचीत में बदिउल कबीर ने कहा कि सचिवालय के कर्मचारी लंबे समय से विभिन्न भत्तों की मांग कर रहे हैं और जब तक सरकार इन लाभों को लेकर आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी नहीं करती, तब तक वे वहां से नहीं जाएंगे।
बीडीन्यूज24 की रिपोर्ट के अनुसार, 3 दिसंबर को बांग्लादेश सचिवालय के कर्मचारियों ने चेतावनी दी थी कि अगर दिसंबर तक वेतन आयोग को लेकर गजट अधिसूचना जारी नहीं की गई, तो वे 10 जनवरी से और कड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। यह चेतावनी संगठन के महासचिव निजामुद्दीन अहमद द्वारा वित्तीय सलाहकार को भेजे गए एक ज्ञापन में दी गई थी।