नई दिल्ली, 6 फरवरी। पोलैंड के उप विदेश मंत्री व्लादिस्लाव बार्टोशेव्स्की ने शुक्रवार को कहा कि भारत एक बड़ी आर्थिक शक्ति है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। ऐसे में किसी भी देश के लिए ऐसी अर्थव्यवस्था को नजरअंदाज करना मुश्किल है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए पोलैंड के उप विदेश मंत्री व्लादिस्लाव बार्टोशेव्स्की ने कहा, "भारत एक बड़ी आर्थिक शक्ति है और मौजूदा समय में जीडीपी के मामले में दुनिया में चौथे स्थान पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। साथ ही यह 1.5 अरब लोगों का बड़ा बाजार है और ऐसे में किसी भी देश के लिए इसे नजरअंदाज करना मुश्किल है।"
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बार्टोशेव्स्की ने कहा कि एफटीए होना, डील न होने से बेहतर है। सामान्यतः टैरिफ किसी भी देश के लिए समृद्धि नहीं लाते, क्योंकि जब आयातकर्ता लागत को उपभोक्ताओं तक पहुंचाते हैं तो अंततः इनका बोझ उपभोक्ताओं पर ही पड़ता है। शुल्क जितना कम होगा, उतना ही बेहतर होगा।
आईएएनएस से बात करते हुए भारत के साथ पोलैंड के व्यापार पर बार्टोशेव्स्की ने कहा कि हम भारत के साथ काफी सारे क्षेत्रों में व्यापार करने के अवसर देखते हैं, विशेषकर आईसीटी (इन्फॉर्मेशन और कम्युनिकेशन, टेक्नोलॉजी) क्षेत्र में, यह भारत की जीडीपी का 9 प्रतिशत है, जबकि हमारी जीडीपी का 7 प्रतिशत है। ऐसे में दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में सहयोग स्वाभाविक है।
उन्होंने आगे कहा कि हम जनहित में डिजिटल टेक्नोलॉजी में काफी एडवांस हैं। हम टेलीफोन या कंप्यूटर के माध्यम से सरकार और क्षेत्रीय निकायों के साथ अधिकांश आधिकारिक कामकाज करने में सक्षम हैं और हम ई-गवर्नेंस का विस्तार करने का प्रयास कर रहे हैं। भारत इस क्षेत्र में भी काफी उन्नत है।
हम कई भारतीय कंपनियों के साथ सैन्य प्रौद्योगिकी में प्रगति पर चर्चा कर रहे हैं, जिसमें अत्याधुनिक समाधान भी शामिल हैं। हम संभवतः पोलैंड में संयुक्त उत्पादन और भारत में 'मेक इन इंडिया' के तहत संयुक्त उत्पादन पर भी विचार कर रहे हैं।
उन्होंने आगे बताया कि हम ग्रीन टेक्नोलॉजी पर बातचीत कर रहे हैं, जिनमें भारत की भी रुचि है। जल उपचार में हम काफी उन्नत हैं। जहां तक मुझे याद है, मुंबई में एक पोलिश कंपनी सीवेज प्रबंधन का काम कर रही है।
हम अपने ऊर्जा क्षेत्र को कोयले से नवीकरणीय स्रोतों, जिनमें परमाणु ऊर्जा भी शामिल है, की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। हमने एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र का निर्माण शुरू कर दिया है और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर प्लांट्स पर भी विचार कर रहे हैं। हम अपतटीय पवन ऊर्जा संयंत्रों में भारी निवेश कर रहे हैं और बायोगैस का उपयोग भी कर रहे हैं।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि हमारा कृषि क्षेत्र बहुत मजबूत है, जो हमारे निर्यात मूल्य का लगभग 50 प्रतिशत है। कृषि उत्पादों का उपयोग बायोगैस के लिए किया जा सकता है, जो एक स्थिर, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है। हम ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण में भारतीय अनुभव में भी रुचि रखते हैं।
हम कोयला खनन पर भी भारत के साथ बातचीत करने की योजना बना रहे हैं, क्योंकि हमारे पास इस क्षेत्र में व्यापक अनुभव है और हमारी अधिकांश कोयला खदानें खुली हैं।