नई दिल्ली, 5 फरवरी। लोकसभा में विपक्षी दलों की महिला सांसदों द्वारा पीएम मोदी की सीट को घेरने के मामले में भाजपा सांसदों ने दावा किया कि अगर पीएम मोदी बुधवार को सदन में आते तो कुछ भी हो सकता था।
भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने कहा कि देखिए, बुधवार को बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति पैदा हुई। आप सब जानते हैं कि किन हालात में स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा को स्थगित किया, और यह कल तक स्थगित रहेगी। दुख की बात यह है कि हम सभी प्रधानमंत्री का भाषण सुनने से वंचित रह गए। मैं कांग्रेस द्वारा किए गए धोखे और साजिश की कड़ी निंदा करती हूं। महिला सांसदों को लाया गया, और बैनर लेकर प्रधानमंत्री की सीट के पास खड़ा कर दिया गया। हम इसके चश्मदीद गवाह हैं। कौन क्या कहता, हमें नहीं पता है। हमें पता है कि क्या हुआ है। अच्छा हुआ कि पीएम मोदी नहीं आए। नहीं तो कल कुछ भी हो सकता था।
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि कल जो हुआ, वह न तो विरोध प्रदर्शन था, और न ही हंगामा, यह हिंसा जैसी स्थिति थी। जिस तरह से कांग्रेस और विपक्ष की महिला सांसद जाकर प्रधानमंत्री की कुर्सी से सिर्फ चार लाइन आगे खड़ी हो गईं, जहां से वह आम तौर पर अंदर आते हैं, उससे गंभीर सवाल उठते हैं। वे वहां गईं ही क्यों? इससे लगता है कि अगर प्रधानमंत्री आ जाते तो कुछ भी हो सकता था।
भाजपा सांसद संध्या राय ने कहा कि जैसा कि आप सभी ने देखा है, मॉनसून सत्र की शुरुआत से ही लोकसभा की कार्यवाही बार-बार किसी न किसी बहाने से स्थगित की जा रही है। कल भी हमारे सदन के नेता और हमारे देश के प्रधानमंत्री को शाम 5 बजे हमारे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलना था। उस समय मैं खुद सदन की अध्यक्षता कर रही थी। सदन के माहौल और अपनाई जा रही कुछ रणनीतियों को देखते हुए मुझे तुरंत लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा जैसे लोग, जिन्हें देश की जनता उनकी हद दिखा रही है और जो चुनाव हार रहे हैं, वे अपनी हार से ध्यान भटकाने के लिए सब कुछ कर रहे हैं। हम लोकतंत्र के दायरे में रहेंगे, लेकिन हमें इन लोगों का असली चेहरा देश के नागरिकों को दिखाना चाहिए।